चीन से लगी सीमा पर चला ‘सुदर्शन’, थरथराई धरती कांपा गगन !

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चीन से लगी सीमा पर चला ‘सुदर्शन’, थरथराई धरती कांपा गगन !

सेना//Delhi/New Delhi :

चीन की सीमा पर हाल में बहुत गहमागहमी थी। भारतीय सेना ने अपनी हवाई ताकत का अभ्यास किया। श्पूर्वी आकाशश् नाम के इस सैन्य अभ्यास में वायुसेना के साथ थल सेना भी शामिल हुई। सबसे बड़ी बात कि इस दौरान ‘सुदर्शन’ एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का भी प्रदर्शन हुआ। इसके अलावा ऑपरेशन में दूसरे घातक हथियार भी शामिल थे।

भारतीय वायु सेना ने हाल में चीन से लगी सीमा पर भीषण हवाई अभ्यास किया। इस एरियल एक्सरसाइज का नाम दिया गया पूर्वी आकाश। थल सेना के साथ मिलकर वायुसेना ने गर्जना की। युद्धाभ्यास में ‘सुदर्शन’ एस -400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली जैसे हाईटेक घातक हथियार शामिल थे। ‘सुदर्शन’ चक्र भगवान श्री कृष्ण का प्रमुख अस्त्र है। एयर चीफ मार्शल वीआर चैधरी के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना ने रूस से आयातित एस-400 वायु रक्षा मिसाइल सिस्टम को सुदर्शन नाम दिया है।
बड़े स्तर पर किया गया युद्धाभ्यास
रक्षा अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायु सेना के अभ्यास में पूर्वोत्तर क्षेत्र में एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली, राफेल और तेजस लड़ाकू विमानों के साथ-साथ प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों सहित प्रमुख प्लेटफार्मों का संचालन किया गया। यह युद्धाभ्यास पूर्वी वायु कमान (ईएसी) ने 30 अक्टूबर से 4 नवंबर तक ‘पूर्वी आकाश’ के कोडनेम से किया था। अधिकारियों ने बताया कि अभ्यास के तहत भारतीय वायु सेना विशेष रूप से पूर्वी वायु कमान की परिचालन तत्परता क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया। पूर्वी वायु कमान (ईएसी) भारतीय वायुसेना की घातक विंगों में एक है। यह पूर्वोत्तर के सात राज्यों सहित 12 राज्यों में फैले तीन लाख वर्ग किलोमीटर से ज्यादा के विशाल क्षेत्र में हवाई संचालन को कंट्रोल करता है।
दिन-रात चला ऑपरेशन
अधिकारियों ने कहा कि ‘अभ्यास पूर्वी आकाश’ का मकसद वायु शक्ति को परखना था। इसमें डिफेंसिव और ऑफेंसिव दोनों ऑपरेशन शामिल थे। अलग-अलग तरह के खतरों पर प्रतिक्रिया को भी देखा गया। इन ऑपरेशनों को दिन और रात दोनों में किया जाता था। इसका उद्देश्य भारतीय थल सेना और वायुसेना की ओर से संयुक्त रूप से किए गए ऑपरेशनों के तालमेल को बेहतर बनाना भी था। इस अभ्यास में पूर्वी क्षेत्र के चुनौतीपूर्ण और विविध इलाकों में भारतीय सेना की पूर्वी कमान (ईसी) के साथ संयुक्त अभियान शामिल था।
थिएटर कमांड बनाने की तरफ बढ़ रही है सेना
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चैधरी अभ्यास के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में थे। जबकि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चैहान ने पूर्व पूर्वी आकाश की शुरुआत से पहले शिलांग में टेबलटॉप अभ्यास में भाग लिया था। सीडीएस और सेवा प्रमुख सेनाओं के बीच तालमेल और एकीकरण हासिल करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। वे भविष्य में संयुक्त युद्ध के लिए थिएटर कमांड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। परिचालन तैयारियों की जांच और असल ट्रेनिंग के लिए संचालन, रखरखाव और प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत सीरीज आयोजित की गई थी। भारतीय वायुसेना ने बहुत बड़ी संख्या में उड़ानें आयोजित करने के बाद यह अभ्यास 4 नवंबर को समाप्त किया था। इसके संचालन के दौरान सेना के साथ तालमेल के कई लक्ष्य हासिल किए गए थे।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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