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लखनऊ के 4 बच्चों ने विकसित कीं प्रदूषित हवा खींच लेने वाली ई कारें

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लखनऊ के 4 बच्चों ने विकसित कीं प्रदूषित हवा खींच लेने वाली ई कारें

अजब-गजब//Uttar Pradesh /Lucknow :

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चार बच्चों ने तीन ऐसी कारें तैयार की हैं, जो प्रदूषण फैलाने के स्थान पर उसे कम करने में सहायक हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चार बच्चों ने तीन ऐसी कारें तैयार की हैं, जो प्रदूषण फैलाने के स्थान पर उसे कम करने में सहायक हैं।

ये चारों की स्कूली बच्चे हैं और इनमें सबसे बडे़ बच्‍चे की उम्र 14 साल और सबसे छोटे की उम्र 9 साल है। इन चारों ने 250 दिनों की मेहनत से ऐसी अनोखी इलेक्ट्रिक कार डिजाइन की और 5 दिसंबर को यूपी के चीफ सेक्रेटरी डीएस मिश्रा के साथ लखनऊ स्थित विधानसभा के बाहर नजर आये। इन चारों बच्‍चों के नाम विराज अमित मेहरोत्रा (11), गर्वित सिंह (12), श्रेयांश मेहरोत्रा (14) और आर्यव अमित मेहरोत्रा (9) हैं।

ये चारों अपने आपको '4 एवर' कहते हैं। टेस्‍ला के सीईओ एलन मस्‍क इनके आदर्श हैं। यह बात दीगर है कि ये चारों भविष्य में मस्क के कारोबार के लिए बड़ी खतरे की घंटे हैं क्‍योंकि एलन मस्‍क की कार 2 करोड़ रुपये की है और इनकी कारें महज 90 से 95 हजार रुपये के बीच की कीमत की हैं।

इन बच्‍चों ने ये कारें मिलिंद राज की देखरेख में बनाई हैं। मिलिंद राज रोबोटिक्‍स ऐंड इनोवेशन कंपनी 'रोबोज.इन' के संस्‍थापक हैं। मिलिंद बताते हैं कि इन बच्‍चों ने अपनी कारों में डस्‍ट फिल्‍टरेशन सिस्‍टम (डीएफएस) नामका एक अनोखा सिस्‍टम इस्‍तेमाल किया है। इससे होता यह है कि जब ये कारें चलती हैं तो अपने आसपास 6 फीट की दूरी तक मौजूद हवा से धूल के कण खींच लेती हैं। इसके बाद उन्‍हें फिल्‍टर करके साफ हवा बाहर छोड़ती हैं।

मिलिंद का कहना है कि  अगर डीएफएस सिस्‍टम सभी कारों में लग जाए तो बाहर की हवा हमारे घरों की हवा से ज्‍यादा साफ-सुथरी होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में जब देश के बहुत से शहरों में प्रदूषण के कारण स्‍कूल बंद कर दिए गए और बच्‍चे घरों में पढ़ने को मजबूर हुए तभी इनके दिमाग में ख्‍याल आया कि क्‍यों न ऐसे वाहन बनाये जाएं जो जीरो पल्‍यूशन फैलाएं। इन चारों बच्चों ने अपने डिजाइन और तकनीक पर काम किया और केवल 250 दिनों में इनकी तीन कारें तैयार थीं। उल्लेखनीय है कि कार तैयार किये जाने के दौरान ये बच्‍चे स्‍कूल के बाद मिलने वाले समय और छुट्टियों में इस पर काम करते रहे। इन्‍होंने बाहर कहीं घूमना या ब्रेक लेना भी बंद कर दिया था। यही नही इन्होंने अपने जन्मदिन भी नहीं मनाये। इनका पूरा ध्‍यान इन्‍हीं कारों को विकसित करने पर रहा।
बैटरी से चलने वाली इनकी ये कारें 1.6 हॉर्स पावर की हैं और तीन घंटे की चार्जिंग में पूरी तरह से चार्ज हो जाती हैं। ये 70 से 90 प्रतिघंटे की स्‍पीड पकड़ सकती हैं। इनका मेंन्‍टेनेंस भी बहुत कम यानी साल भर में केवल दो से तीन हजार रुपये ही आती है। इन बच्‍चों के परिवार और मिलिंद राज ने इस काम में इनकी वित्‍तीय जरूरतों को पूरा किया। बहुत से काम जैसे वेल्डिंग आदि इन बच्‍चों ने ही किये। अब यह टीम '4 एवर' अपनी कारों में साल 2023 में 5जी फीचर लाना चाहती है जिसकी मदद से ये फोन एप्लिकेशन के जरिये भी चलाई जा सकेंगी।

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