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बालासोर ट्रेन हादसे में 50 दिन बाद भी 41 शवों की पहचान नहीं: एम्स डायरेक्टर बोले- परिजन डीएनए सैंपल देने में देरी कर रहे

दुर्घटना

बालासोर ट्रेन हादसे में 50 दिन बाद भी 41 शवों की पहचान नहीं: एम्स डायरेक्टर बोले- परिजन डीएनए सैंपल देने में देरी कर रहे

दुर्घटना//Odisha/Bhubaneswar :

2 जून को ओडिशा के बालासोर में ट्रेन हादसा हुआ था। इसमें चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस, हावड़ा जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी आपस में टकरा गई थीं। ट्रेन हादसे में 295 लोगों की जान चली गई थी। हादसे को 50 दिन बीत चुके हैं। अब तक 41 शवों की पहचान नहीं हो पाई है।

एम्स भुवनेश्वर के डायरेक्टर आशुतोष बिस्वा ने बताया, परिजन शवों को लेने धीरे-धीरे आ रहे हैं। उनका क्छ। सैंपल लेकर शवों को परिजनों को सौंप जा रहा है। उधर, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि सिग्नलिंग में गड़बड़ी की वजह से यह ट्रेन हादसा हुआ था। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ने हादसे की जांच पूरी कर ली है। जांच में पता चला है कि हादसे से कुछ दिनों पहले नॉर्थ सिग्नल (गुमटी स्टेशन) पर सिग्नलिंग सर्किट में बदलाव हुआ था।
रेल मंत्री ने 40 पेज की रिपोर्ट का हवाला दिया
रेल मंत्री ने राज्यसभा में मार्क्सवादी नेता जॉन ब्रिटास और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के सवाल के जवाब में राज्यसभा को लिखित में यह जानकारी दी। उन्होंने सदन में जिस 40 पेज की रिपोर्ट का जिक्र किया, वह 3 जुलाई को सामने आई थी। स्टेशन पर लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर 94 के लिए इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर के रिप्लेसमेंट से जुड़े सिग्नलिंग वर्क के दौरान गड़बड़ी हुई थी। इसकी वजह से ही ट्रेन को गलत लाइन पर ग्रीन सिग्नल दे दिया गया, जहां पहले से ही मालगाड़ी खड़ी थी। इसी वजह से कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। फिर बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट कोरोमंडल की बोगियों में भिड़ गई। यह हादसा रेलवे अधिकारियों की ओर से हुई चूक और लापरवाही को दिखाता है।
176 लोगों की गंभीर चोटें आईं थीं
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस हादसे में 295 लोगों की मौत हो गई। 176 लोगों की गंभीर चोटें आईं। 451 लोगों को हल्की चोटें थीं। 180 लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद घर भेज दिया गया। बालासोर ट्रेन हादसे को लेकर सीनियर सेक्शन इंजीनियर अरुण कुमार मोहंता, सेक्शन इंजीनियर मोहम्मद आमिर खान और टेक्नीशियन पप्पू कुमार को 7 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के खिलाफ प्च्ब् की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 201 (सबूत मिटाने) और रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत केस दर्ज किया गया है।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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