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पेरू में उड़ने वाले एलियंस: लोग बोले- चेहरे पर हमला कर रहे

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पेरू में उड़ने वाले एलियंस: लोग बोले- चेहरे पर हमला कर रहे

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पेरू में इन दिनों 7 फीट लंबे उड़ने वाले एलियंस का खौफ बना हुआ है। यहां पिछले हफ्ते गांव के लोगों ने दावा किया था कि उन्होंने उड़ने वाले एलियंस देखे हैं। इन एलियंस ने गांव वालों पर हमला कर उनके चेहरे को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने इन एलियंस को पेलाकारा यानी चेहरा खाने वाला भी बताया।

हालांकि, जब पेरू के अधिकारियों तक ये बात पहुंची तो उन्होंने बताया कि ये एलियंस असल में अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों से आए सोने का अवैध खनन करने वाले गैंग के सदस्य थे। पेरू के नेशनल प्रॉसीक्यूटर के ऑफिस ने बताया कि वो इन ‘एलियन अटैक’ की जांच के लिए गोल्ड माफियाओं को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं।
एलियन वाली कॉस्ट्यूम पहनकर आ रहे गैंग
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि गोल्ड माफिया गांव के लोगों को डराने के लिए जेटपैक की मदद से अलग-अलग कॉस्ट्यूम पहनकर हमला कर रहे हैं। इससे लोग अपने घरों में ज्यादा और सोने की खान के पास कम रहेंगे।
एलियन्स की पुलिस ने की घेराबंदी
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, लोकल लोगों के एक ग्रुप इकितु ने बताया कि 11 जुलाई के करीब एलियंस की घेराबंदी शुरू हुई थी। अधिकारियों ने कहा- अवैध खनन माफियाओं ने 29 जुलाई को एक 15 साल की लड़की का अपहरण करने के कोशिश की थी। इस दौरान उसकी गर्दन पर हमला किया गया था।
इकितु के लीडर बोले- एलियंस पर गोली का असर नहीं हुआ
इकितु के लीडर जायरो अविला ने दावा किया है कि आसमान में उड़ रहे ये लोग असल में एलियन ही हैं। उसने कहा- मैंने इन क्रीचर्स पर 2 बार गोली चलाई लेकिन फिर भी इन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, क्षेत्र के एक स्कूल में काम करने वाले टीचर ने बताया कि उसने इन लोगों को जमीन से अपने इक्विपमेंट्स के जरिए उड़ान भरते हुए देखा था।
गांव वालों को डरा रहे माफिया गैंग
जांच अधिकारियों ने जिन लोगों के बयान दर्ज किए हैं, उन्होंने बताया कि माफिया के लोग गांव वालों को डराने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और इक्विपेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें प्रॉपेलर्स, थ्रस्टर्स और जेटपैक्स शामिल हैं। डेली मेल के मुताबिक, अवैध खनन के 80 फीसदी गैंग नानय नदी के तट पर बसे हैं। यहीं से ये अपने ऑपरेशन्स को अंजाम देते हैं।
7 फीट लंबा, रंग- हरा, जूतों में लाइट
इनके एलियन होने का दावा करने वाले इकितु लीडर ने बताया कि 7 फीट लंबे उड़ने वाले क्रीचर्स के सिर काफी बड़े थे और ये हरे रंग के थे। इनके जूते गोल थे और इनकी हील पर लाल रंग की लाइट जल रही थी। लीडर अविला ने कहा- एलियंस की आंखें पीले रंग की थीं और हमला करने के बाद ये बहुत तेजी से भाग जाते थे। माफियाओं के खौफ की वजह से इकितु के लोगों को अपनी दिनचर्या में काफी दिक्कत हो रही है। इसे देखते हुए समूह के लोगों ने अब नानय नदी के पास पहरा देना शुरू कर दिया है।
इंटरपोल बोला- ड्रग से ज्यादा सोने के अवैध खनन में मुनाफा
इंटरपोल की 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने का अवैध व्यापार ड्रग तस्करी से भी ज्यादा मुनाफे वाला बिजनेस है। वहीं, ड्रग तस्करी पर कसती लगाम की वजह से माफियाओं को सोने के अवैध खनन में खतरा भी कम लगता है। आर्टिसनल गोल्ड माइनिंग पर नजर रखने वाली एजेंसी ने बताया कि ये अब 30-40 अरब डॉलर की इंडस्ट्री है।
पेरू में है सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार
पेरू लेटिन अमेरिका में सोने का सबसे बड़ा भंडार है। यहां से हर साल 150 मीट्रिक टन सोना निकलता है। इन क्षेत्रों में करीब 40 हजार सोने का अवैध खनन करने वाले लोग हैं। 2023 में अब तक सोना निकालने में इस्तेमाल होने वाली 110 अवैध मशीनों और 10 माइनिंग कैंप्स को तबाह किया जा चुका है।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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