CM केजरीवाल को कल गिरफ्तार कर सकती है CBI NDA के स्पीकर पद के उम्मीदवार ओम बिरला ने पीएम मोदी से मुलाकात की दिलेश्वर कामत जेडीयू संसदीय दल के नेता होंगे पूर्व फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया ने राजनीति छोड़ी, सिक्किम चुनाव में हार के बाद फैसला घाटकोपर होर्डिंग केस: IPS कैसर खालिद सस्पेंड, उनकी इजाजत पर लगा था होर्डिंग पुणे पोर्श कांड: आरोपी नाबालिग को हिरासत से रिहा किया गया लोकसभा के 7 सांसदों ने नहीं ली शपथ, कल स्पीकर चुनाव में नहीं कर सकेंगे मतदान जगन मोहन रेड्डी की पार्टी स्पीकर चुनाव में NDA उम्मीदवार का समर्थन कर सकती है कल सुबह 11 बजे तक के लिए लोकसभा स्थगित स्पीकर चुनाव के लिए बीजेपी ने व्हिप जारी किया, सभी सांसदों को लोकसभा में रहना होगा मौजूद स्पीकर चुनाव: कांग्रेस का व्हिप जारी, कल सभी सांसदों को लोकसभा में मौजूद रहने को कहा आज है विक्रम संवत् 2081 के आषाढ़ माह के कृष्णपक्ष की पंचमी तिथि रात 08:54 बजे तक यानी बुधवार, 26 जून 2024 Jaipur: मैसर्स तंदूरवाला में कार्रवाई के दौरान पायी गयीं भारी अनियमितताएं..लाइसेंस, साफ़ सफाई सहित अन्य दस्तावेज मिले नदारद मायावती का भतीजे आकाश आनंद पर उमड़ा प्रेम, 47 दिन पुराने फैसले को पलट बनाया राष्ट्रीय संयोजक राजस्थान में आषाढ़ माह के चौथे दिन मेवाड़ में छाये बादल, मौसम विभाग भी बोला मानसून का हो गया प्रवेश
उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशानुसार वसीयत पंजीकरण की अनिवार्यता समाप्त

अदालत

उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशानुसार वसीयत पंजीकरण की अनिवार्यता समाप्त

अदालत//Uttar Pradesh /Lucknow :

उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाईकोर्ट अपने अनूठे और एतिहासिक फैसलों के लिए विख्यात रहा है। इस बार उसने  उत्तर प्रदेश में वसीयत पंजीकरण की अनिवार्यता को समाप्त कर कर दिया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हालिया फैसले के बाद अब वसीयत पंजीकरण कोई जरूरत रह जाएगी। इसके अलावा न्यायालय ने साल 2004 के संशोधन कानून भी शून्य करार दे दिया है। इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने ने उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि सुधार अधिनियम की धारा 169 की उपधारा 3 रद्द कर दी है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस संशोधन कानून को भारतीय पंजीकरण कानून के विपरीत करार दिया है। बता दें कि उत्तर प्रदेश में तत्कालीन सरकार ने 23 अगस्त 2004 से वसीयतनामे का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया था। वहीं, अब हाई कोर्ट ने कहा कि वसीयत पंजीकृत नहीं है तो वह अवैध नहीं होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने दिया है। खंडपीठ ने मुख्य न्यायाधीश द्वारा भेजे गए रेफरेंस को निस्तारित करते हुए यह आदेश दिया है।

उल्लेखनीय है कि याचिका पर अधिवक्ता आनंद कुमार सिंह ने बहस की। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए रेफरेंस संशोधित कर मूल मुद्दे पर अपना फैसला सुनाया है। इस तरह अब उत्तर प्रदेश में वसीयत पंजीकरण अनिवार्य नहीं रह गया है।

You can share this post!

author

News Thikana

By News Thikhana

News Thikana is the best Hindi News Channel of India. It covers National & International news related to politics, sports, technology bollywood & entertainment.

Comments

Leave Comments