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जारी रहेगा ज्ञानवापी परिसर का ASI सर्वे, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी, कहा- 'ये आस्था का मामला है'

जारी रहेगा ज्ञानवापी परिसर का ASI सर्वे, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

अदालत

जारी रहेगा ज्ञानवापी परिसर का ASI सर्वे, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी, कहा- 'ये आस्था का मामला है'

अदालत//Uttar Pradesh /Varanasi :

Gyanvapi ASI Survey: सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति दी। ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई में CJI डीवाई चंद्रचूड़ की बड़ी टिप्पणी ।

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति दी। सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी के ASI सर्वे की परमिशन दे दी है। वरिष्ठ अधिवक्ता हुज़ेफ़ा अहमदी का कहना है कि सर्वेक्षण की पूरी कार्यवाही सीलबंद रखी जानी चाहिए। यदि कुछ भी जारी किया जाता है तो उसमें समस्याएं पैदा हो सकती हैं। 

ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई में CJI डीवाई चंद्रचूड़ बड़ी टिप्पणी की। सीजेआई का कहना है, "अयोध्या मामले में भी, हमने एएसआई सर्वेक्षण के बाद फैसला दिया। आपके लिए मुकदमा 'तुच्छ' हो सकता है, दूसरे पक्ष के लिए यह आस्था का मामला हो सकता है। 

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मस्जिद को छुआ न जाए और कोई खुदाई न हो।  सुप्रीम कोर्ट ने कहा सभी पक्षों के हमने सुना हैं।  हाईकोर्ट ने ASI के एडिशन डायरेक्टर जनरल के बयान के दर्ज किए हैं।  सुप्रीम कोर्ट ने कहा ASI ने अदालत को भरोसा दिया कि किसी भी तरह से इमारत को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। 

ज्ञानवापी पर सुनवाई के दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ ने पूछा कि आखिर हम इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश मैं दखल क्यों दे? ASI के भरोसे के बाद अदालत ने यह आदेश दिया था। 

सीजेआई ने आगे कहा- अयोध्या मामले में भी तो ASI ने सर्वेक्षण किया था।  क्या दिक्कत है! सर्वे का तथ्यात्मक सबूत तो अदालत तय करेगी कि फाइनल सुनवाई के दौरान कौन सा तथ्य, सबूत और रिपोर्ट का कौन सा हिस्सा सुनवाई का हिस्सा बनाया जाए और कौन सा नहीं। कोर्ट ने कहा कि आप एक ही ग्राउंड पर हर बार हरेक कार्रवाई पर रोक का आग्रह नहीं कर सकते। 

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सौम्या बी श्रीवास्तव

By News Thikhana

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