ध्य प्रदेश के चर्चित जस्टिस रोहित आर्य ने भाजपा का दामन थामा प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर के विरुद्ध सख्ती, ट्रेनिंग रद्द कर वापस भेजा गया मसूरी अकादमी..! बदले में पूजा ने पुणे डीएम पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप हरभजन, युवराज सिंह और रैना मुश्किल में, पैरा एथलीट्स का उड़ाया था मजाक..FIR दर्ज आज है विक्रम संवत् 2081 के आषाढ़ माह के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि रात 08:33 बजे तक तदुपरांत एकादशी तिथि प्रारंभ यानी मंगलवार, 16 जुलाई 2024
केरल में पहली बार जीती बीजेपी: सुरेश गोपी ने त्रिशूर लोकसभा सीट पर खिलाया कमल

राजनीति

केरल में पहली बार जीती बीजेपी: सुरेश गोपी ने त्रिशूर लोकसभा सीट पर खिलाया कमल

राजनीति//Kerala/Trivendram :

बीजेपी उम्मीदवार सुरेश गोपी ने त्रिशूर में 74 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर ली है। केरल में आखिरकार ‘कमल’ खिल गया है। सुरेश गोपी ने तिरुवनंतपुरम स्थित घर पर पत्नी राधिका के साथ जीत के बाद बाहर निकले और राधिका के हाथों मिठाई खाते हुए फोटो के लिए पोज दिया।

लोकसभा चुनाव में केरल से इस बार बीजेपी ने करिश्मा कर दिया है। बीजेपी ने केरल में पहली बार कमल खिला दिया है। केरल की त्रिशूर लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और अभिनेता से नेता बने सुरेश गोपी चुनाव जीत गए हैं। सुरेश गोपी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 74 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की। गोपी को कुल 412338 वोट मिले हैं। वहीं, त्रिशूर में 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्हें कुल 2,93,822 मत मिले थे। इस बार उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाकपा के वी एस सुनील कुमार रहे। सुनील कुमार को कुल 337652 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के मुरलीधरन तीसरे नंबर पर रहे। उन्हें 328124 वोट मिले।
कितने वोटों से जीते सुरेश गोपी?
बीजेपी उम्मीदवार सुरेश गोपी ने त्रिशूर में 74 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर ली है। केरल में आखिरकार ‘कमल’ खिल गया है। सुरेश गोपी ने तिरुवनंतपुरम स्थित घर पर पत्नी राधिका के साथ जीत के बाद बाहर निकले और राधिका के हाथों मिठाई खाते हुए फोटो के लिए पोज दिया। अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि त्रिशूर में जीत निकट थी। त्रिशूर के असली धर्मनिरपेक्ष लोग देवताओं की पूजा करते हैं। कई लोगों ने उनके लिए काम किया है।
जीत पर किसका आशीर्वाद
उन्होंने कहा कि गुरुवायूरप्पन, वडक्कुमनाथन, तिरुवमपदी श्रीकृष्ण स्वामी, नीथलकाविलम्मा, परमेकावम्मा, कार्त्यायनी देवी और त्रिशूर में इस जीत का आशीर्वाद देने वाले सभी देवताओं और उनकी मां को सलाम। देवताओं ने बड़े संघर्ष का फल दिया है। वह धारा के विपरीत तैर रहे थे। सुरेश गोपी ने कहा कि मेरे ऊपर व्यक्तिगत तौर पर काफी द्वेष भाव डाला गया।
कैसे किया प्रचार
सुरेश गोपी ने कहा कि यह 2021 के बाद आए तूफान की तरह था। यह सफलता मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत प्रसिद्धि लेकर आई है। मैं त्रिशूर के वास्तविक धर्मनिरपेक्ष लोगों को नमन कर रहा हूं। यह केवल उनके कारण ही संभव हो सका। उन्हें इस तरफ लाने के लिए मैंने 1200 बूथों पर मतदाताओं सहित अभियान चलाया। एर्नाकुलम और अन्य जिलों की कई माताओं ने वहां काम किया है। इतने सारे लोग मुंबई, मध्य प्रदेश, दिल्ली से चुनाव प्रचार करने आए और इन 42 दिनों में मुझे हाईलाइट किया। सुरेश गोपी ने कहा कि मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पांच साल में जो मांगा, उसे सौ गुना लौटाउंगा।

You can share this post!

author

Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

Comments

Leave Comments