चीन का काल बनेंगे मिराज 2000 फाइटर जेट, अपग्रेडिंग में जुटा ताइवान

सेना

चीन का काल बनेंगे मिराज 2000 फाइटर जेट, अपग्रेडिंग में जुटा ताइवान

सेना///Taipei :

ताइवान ने चीन से निपटने के लिए अपने मिराज फाइटर जेट को अपग्रेड करने की योजना बना रहा है। चीन लगातार दर्जनों फाइटर जेट के साथ ताइवान की घेरेबंदी कर रहा है, ऐसे में ताइवानी वायुसेना के सामने बड़ी चुनौती पैदा हो गई है। ताइवान को अमेरिका से एफ-16 विमान मिलने में देरी हो रही है।

 

चीन के भीषण हमले के खतरे का सामना कर रहे ताइवान को अमेरिका से एफ-16 विमानों की नई खेप मिलने में देरी हो रही है। ऐसे में अब ताइवान की सरकार अपने मिराज 2000-5 लड़ाकू विमानों को आधुनिक बनाने जा रही है ताकि उनके कार्यकाल को बढ़ाया जा सके। ताइवान ने अमेरिका को 66 नए एफ-16 फाइटर जेट का ऑर्डर दिया था। अब चीन ताइवान की घेरेबंदी की पूरी तैयारी कर चुका है, ऐसे में ताइवानी सेना की क्षमता की तेजी से जांच शुरू हो गई है।
54 मिराज फाइटर जेट की सर्विस लाइफ
ताइवान के एयरफोर्स कमांड मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एक शोध जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके क्या ताइवान के 54 मिराज फाइटर जेट की सर्विस लाइफ को बढ़ाया जा सकता है या नहीं। ताइवान की अर्द्धसरकारी समाचार एजेंसी सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह योजना रणनीतिक और खतरा कम करने के कारणों पर आधारित है। प्लान के मुताबिक 9 विमानों को आधुनिक बनाया जाएगा जो सभी दो सीटों वाले हैं।
अगले 20 साल की प्लानिंग
इन विमानों को हवाई सुरक्षा के साथ-साथ ट्रेनिंग की भूमिका में इस्तेमाल किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस बात का कोई कारण नहीं है कि अगर फंड मौजूद है तो इसी प्रोग्राम को भविष्य में सिंगल सीट वाले विमानों तक नहीं बढ़ाया जा सकता है। ताइवानी वायुसेना ने कहा है कि वह मिराज 2000 विमानों को बनाने वाली कंपनी डसाल्ट एविएशन के साथ मिलकर काम कर रही है। यह कंपनी इस बात का आकलन करेगी कि क्या ये विमान अगले 20 साल तक काम कर सकते हैं या नहीं।
ताइवान का सबसे महंगा फाइटर जेट
ताइवानी सेना इसके लिए काफी पैसा भी कंपनी को दे रही है। माना जा रहा है कि इस दौरान कई विमानों का आधुनिकीकरण भी किया जा सकता है। मिराज विमान ताइवानी वायुसेना के अंदर सबसे ज्यादा महंगा फाइटर जेट है। मिराज फाइटर जेट साल 1997 से साल 1998 के बीच में ताइवानी वायुसेना में शामिल किए गए थे। ताइवान ने कुल 60 विमानों की खरीद का ऑर्डर दिया था।
भारतीय वायुसेना की शान मिराज
ताइवान की वायुसेना मिराज विमानों की क्षमता की कायल है। ताइवान ने अमेरिका पर से अपनी निर्भरता को कम करने के लिए इन विमानों को खरीदा था। भारत भी मिराज 2000 विमानों का कई वर्षों से इस्तेमाल कर रहा है। ये मिराज विमान भी भारतीय वायुसेना की शान कहे जाते हैं।

 

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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