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दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने पद से इस्तीफ़ा देने के हफ्ते भर बाद ही थामा भाजपा का दामन 

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंदर सिंह लवली बीजेपी में शामिल

राजनीति

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने पद से इस्तीफ़ा देने के हफ्ते भर बाद ही थामा भाजपा का दामन 

राजनीति//Delhi/New Delhi :

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद, अरविंदर सिंह लवली के अगले कदम को लेकर चल रही अटकलों पर आज विराम लग गया ,जब दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद अरविंदर सिंह लवली बीजेपी में शामिल हो गए। अरविंदर सिंह लवली आज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में भाजपा में शामिल हुए। उन्होंने 28 अप्रैल को दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। 

क्या कहा भाजपा में शामिल होने के बाद 
अरविंदर सिंह लवली ने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा कि आप जानते हैं कि मैंने किन परिस्थितियों में दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया।  हमारे समर्थकों ने हमसे कहा कि आपको घर पर बैठने की जरूरत नहीं है, मैंने अपने इस्तीफे के बाद घर पर रहने का फैसला किया था, लेकिन हमें दिल्ली और देश के लिए लड़ने के लिए कहा गया। 

आप पार्टी से गठबंधन था इस्तीफे का कारण 
लवली दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। उन्होंने 28 अप्रैल को दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और कहा था कि पार्टी के आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन को अपने इस्तीफे का एक कारण बताया गया था।

खुद को महसूस कर रहे थे पंगु 
उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस इकाई गठबंधन के खिलाफ थी लेकिन पार्टी आलाकमान इसके साथ आगे बढ़ा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे इस्तीफे में लवली ने यह भी कहा कि वह खुद को 'पंगु' पाते हैं क्योंकि दिल्ली इकाई के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए सभी फैसलों को एआईसीसी के दिल्ली प्रभारी दीपक बाबरिया ने एकतरफा तरीके से वीटो कर दिया है।

ये लिखा था पत्र में 
पत्र में लिखा गया है, ''भारी मन से मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं और खुद को विकलांग महसूस कर रहा हूँ और दिल्ली पार्टी इकाई के अध्यक्ष के रूप में जारी रखने में असमर्थ हूं।

उन्होंने कहा, 'मैंने डीपीसीसी अध्यक्ष की भूमिका कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार कर ली थी जिसका एकमात्र उद्देश्य स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं का समर्थन करना था, जिनके साथ मेरा बेहद करीबी संबंध और जीवन भर से जुड़ाव रहा है। लेकिन चूंकि मैं पार्टी कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा नहीं कर सकता इसलिए मुझे इस पद पर बने रहने का कोई कारण नजर नहीं आता। इसलिए मैं अरविंदर सिंह लवली डीपीसीसी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं।"

ये था दिल्ली कांग्रेस में सफर 
शीला दीक्षित सरकार में मंत्री लवली को पिछले साल अगस्त में दिल्ली कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वह पहली बार 1998 में गांधी नगर से विधायक चुने गए थे। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस सरकार में परिवहन, शिक्षा, शहरी विकास और राजस्व मंत्री के रूप में कार्य किया। कांग्रेस ने लवली को पूर्वी दिल्ली सीट से भाजपा के गौतम गंभीर और आप की आतिशी के खिलाफ पूर्वी दिल्ली सीट से मैदान में उतारा था। 

गौरतलब हैं कि यह घटनाक्रम लोकसभा चुनाव के बीच हुआ है क्योंकि भाजपा नरेंद्र मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में बहाल करने की उम्मीद कर रही है।लवली के साथ ही कांग्रेस नेता राजकुमार चौहान, अमित मलिक, नसीब सिंह और नीरज बसोया ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है. अरविंदर सिंह लवली केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। 
 

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author

सौम्या बी श्रीवास्तव

By News Thikhana

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