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भारत-पाक बॉर्डर पर एंट्री ड्रोन सिस्टम तैनात: फ्लड लाइट्स की जगह एलईडी लगी, बॉर्डर पार खेती करने वालों के लिए बायोमैट्रिक मशीनें लगेंगी

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भारत-पाक बॉर्डर पर एंट्री ड्रोन सिस्टम तैनात: फ्लड लाइट्स की जगह एलईडी लगी, बॉर्डर पार खेती करने वालों के लिए बायोमैट्रिक मशीनें लगेंगी

सेना/थल सेना/Delhi/New Delhi :

भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा छह देशों से मिलती है। इसमें पाकिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश शामिल है।

भारत-पाक बॉर्डर पर पड़ोसी देश की तरफ से बढ़ते ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। इस सिस्टम में हैंड-हेल्ड स्टैटिक, व्हीकल-माउंटेड एंटी-ड्रोन सिस्टम शामिल हैं। इतना ही नहीं, बॉर्डर पर लगी फ्लड लाइट्स को एलईडी से बदला जा रहा है। यह जानकारी बीएसएफ महानिदेशक नितिन अग्रवाल ने हजारीबाग में दी। बीएसएफ के मुताबिक पश्चिमी सीमा पर पिछले साल 1 नवंबर 2022 से 31 अक्टूबर 2023 के बीच 90 ड्रोन बरामद किए गए। इनसे 81 पंजाब में और 9 राजस्थान से बरामद किए गए थे।
बॉर्डर पार जाने वाले किसानों के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम लगा
बीएसएफ ने बॉर्डर पार जाकर खेती-किसानी करने वाले किसानों के लिए भी बायोमेट्रिक मशीनें लगाने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए पंजाब से लगी बॉर्डर पर बाड़ लगाने से पहले दूसरी तरफ जमीन रखने वाले किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।
दिल्ली के तिगरी कैंप में बनी फॉरेंसिक लैब
बीएसएफ ने बताया कि पश्चिमी सीमा पर फील्ड यूनिट्स ने जिन 81 ड्रोन को बरामद किया, उनका एनालिसिस करने के लिए दिल्ली के तिगरी कैंप में एक ड्रोन फोरेंसिक लैब बनाई गई है। इस लैब से मिलने वाले रिजल्ट को संबंधित विभागों और अधिकारियों से शेयर किया जा रहा है।
7 एरिया ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी में चल रहा प्रोजेक्ट
देश की बाकी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर ईएसवीपी (कमजोर पैच की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी) प्रोजेक्ट चल रहा है। इसे पाकिस्तान, बांग्लादेश बॉर्डर यानी जम्मू, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, नॉर्थ-साउथ बंगाल और गुवाहाटी से लगी 7 सीमाओं के एरिया ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी में स्थापित किया जा रहा है। 635 कमजोर पैच में से 328 पर काम पूरा हो चुका है।
बीएसएफ के फील्ड फॉर्मेशन को बॉर्डर पर होने वाली घुसपैठ या दूसरी हरकतों का पता लगाने और निगरानी करने के लिए 6 ऑप्टिकल टाइम-डोमेन रिफ्लेक्टोमीटर (ओटीडीआर) और स्पल्सिर मशीनें दी गई हैं। इनके अलावा 16 अवाया पॉइंट-टू-पॉइंट अपग्रेड करने लायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एंडपॉइंट प्रदान किए गए हैं।
भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर ट्रेंड डॉग्स कर रहे जांच
बीएसएफ ने ट्रेंड कुत्तों की मदद से ट्रेन की बोगियों के नीचे निगरानी के लिए डीओजीएस (डॉग ऑपरेटेड ग्राउंड सर्विलांस) प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसे एनआईआईई सेल ने तैयार किया था। फिलहाल ट्रेनिंग के मकसद से दो सिस्टम आईसीपी पेट्रापोल, एसबी एफटीआर में और एक सिस्टम एनटीसीडी टेकनपुर में तैनात किया गया है। बॉर्डर के बेहद संवेदनशील हिस्से में ऊंची तार की जाली वाली बाड़ और भारत-बांग्लादेश सीमा (आईबीबी) बाड़ पर जाल लगा है। सुंदरबन क्षेत्र में अस्थायी सीमा चैकियों (बीओपी) की तैनाती, घुड़सवार गश्त और सभी 4 इलाकों में व्हीकल पेट्रोलिंग की जा रही है।
भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े फैक्ट्स
साउथ एशिया के सबसे बड़े भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा छह देशों से मिलती है। इसमें पाकिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश शामिल है। नेपाल, भूटान और म्यांमार की सीमाओं पर लोग आसानी से एक से दूसरे देश में जा सकते हैं। वहीं, पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश की सीमाओं पर कड़ी चेकिंग की जाती है। भारत-भूटान के बीच 699 किमी का बॉर्डर है, लेकिन दोनों देशों के बीच सिर्फ एक ही एंट्री प्वाइंट है। जो पश्चिम बंगाल के जयगांव से और साउथ-वेस्ट भूटान के फुंटशोलिंग से होकर जाता है।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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