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पहले इस्तीफा और अब जिला संघ पदाधिकारियों ने खोला मोर्चा, बढ़ती जा रही हैं वैभव गहलोत की मुसीबतें

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पहले इस्तीफा और अब जिला संघ पदाधिकारियों ने खोला मोर्चा, बढ़ती जा रही हैं वैभव गहलोत की मुसीबतें

राजनीति//Rajasthan/Jaipur :

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव की परेशानी पढ़ती ही जा रही हैं। उन्होंने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा तो दे ही दिया लेकिन इसके बाद  जिला संघ के पदाधिकारियों ने उनके विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।नाागौर जिला संघ के सचिव राजेंद्र सिंह नांदू ने जयपुर में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरसीए को तालिबान बनाकर रख दिया था। अशोक गहलोत अपने बेटे को आरसीए अध्यक्ष बनाने के लिए जमकर तानाशाही मचाई थी। यह इसी बात का परिणाम है कि आज मजबूरन उनके बेटे को इस्तीफा देना पड़ा है।

नांदू ने यहां तक कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद राजस्थान में क्रिकेट के बुरे दिन शुरू हो गए थे। कांग्रेस सरकार ने गलत तरीके से जिला संघों के खिलाफ एडहॉक कमेटी बनाई। इसका दुष्परिणाम तो आना ही था। 
उन्होंने कहा कि हमने पांच साल तक वैभव गहलोत और कांग्रेस सरकार के खिलाफ संघर्ष किया। सरकार बदलने के बाद वैभव गहलोत पांच मिनट भी संघर्ष नहीं कर पाए। उनके साथ जिला संघों के पदाधिकारी होने चाहिए थे। आज की तारीख में एक भी पदाधिकारी वैभव गहलोत के साथ नहीं खड़ा हुआ है।
33 जिला क्रिकेट संघ में से तीन भी वैभव के साथ नहीं
राजेंद्र सिंह नांदू ने कहा कि समय का चक्र घूमता है। वैभव गहलोत जिस तरीके से आए थे, उसी तरीके से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा है। प्रदेश के 33 जिला क्रिकेट संघ में से तीन भी वैभव के साथ नहीं रहे। अपने कार्यकाल के दौरान वैभव गहलोत जिन साथियों से 24 घंटे घिरे रहते थे। उन्हीं लोगों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर साइन तक कर लिए। जब वैभव गहलोत को पता चला कि अपने ही मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं, तब मजबूरन उन्होंने खुद इस्तीफा दे दिया।
नांदू ने कहा कि वैभव गहलोत ने रामेश्वर डूडी के खिलाफ क्या हालात पैदा किए थे। वह राजस्थान की जनता से छिपा नहीं है।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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