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रेगिस्तान में बाढ़...! लीबिया में पानी उतरा तो दिखी असली तबाही, अब तक 6000 लोगों की मौत

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रेगिस्तान में बाढ़...! लीबिया में पानी उतरा तो दिखी असली तबाही, अब तक 6000 लोगों की मौत

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रेगिस्तानी देश लीबिया में बाढ़ के बाद तबाही का असली मंजर सामने आया है। बाढ़ के कारण लीबिया में अब तक 6000 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें सिर्फ वे लोग शामिल हैं, जिनकी लाशें मिल चुकी हैं। बताया जा रहा है कि पानी घटने के साथ बड़ी संख्या में लोगों के मृत शव मिल रहे हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या और ज्यादा बढ़ने की आशंका है।

पूर्वी लीबिया के डर्ना शहर में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 6,000 हो गई है। एक स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी ने यह जानकारी दी। पूर्वी लीबिया में एम्बुलेंस एवं आपात केंद्र के प्रवक्ता ओसामा अली ने कहा कि पूरे क्षेत्र में मरने वालों की संख्या कम से कम 6,000 हो गई है।
रेगिस्तानी लीबिया में कैसे आ गई बाढ़
भूमध्यसागर से उठे तूफान डेनियल के कारण रविवार रात हुई बारिश से अचानक आई बाढ़ ने पूर्वी लीबिया के कई शहरों में भारी तबाही मचाई है, लेकिन डर्ना शहर में सबसे अधिक नुकसान हुआ। डर्ना में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से बांध टूट गये, जिनका पानी आसपास के इलाकों में घुस गया।
लीबिया के कई शहरों में बाढ़ से तबाही
सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, पूर्वी लीबिया के आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद अबू-लामोशा ने मंगलवार को डर्ना में मरने वालों की संख्या 6000 से अधिक बताई थी। उन्होंने कहा था कि पूर्वी लीबिया के अन्य शहरों में कई और लोगों के मारे जाने की आशंका है।
मृतकों की संख्या और ज्यादा बढ़ने की आशंका
ओसामा अली ने बुधवार को बताया कि डर्ना में 7,000 से अधिक लोग घायल हुए और इनमें से ज्यादातर लोगों का इलाज सहायता एजेंसियों द्वारा वहां स्थापित अस्पतालों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तटीय डर्ना शहर में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि बचाव एवं राहत दल को अब भी सड़कों, इमारतों और समुद्र से शव मिल रहे हैं।
अकेले डर्ना में 30 हजार लोग विस्थापित
संयुक्त राष्ट्र प्रवासन एजेंसी ने बताया कि बाढ़ के कारण तटीय शहर डर्ना में बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान हुआ और कम से कम 30,000 लोग विस्थापित हुए। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के अनुसार डर्ना में बाढ़ के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं या नष्ट हो गईं। इसके अनुसार शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाले डर्ना नदी पर बने पुल भी ढह गए हैं।
बाढ़ के कारण राहत-बचाव कार्य में आ रही मुश्किलें
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने बताया कि बाढ़ के कारण डर्ना शहर में बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान हुआ है। उसने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में पहुंचना मानवीय सहायताकर्मियों के लिए काफी कठिन काम है। पूर्वी लीबिया के स्वास्थ्य मंत्री उस्मान अब्दुल जलील ने कहा कि बुधवार सुबह तक दो हजार से अधिक शव मिले हैं और उनमें से आधे से अधिक शवों को डर्ना में सामूहिक कब्रों में दफनाया गया। उन्होंने बताया कि बचाव दलों ने कुछ शव समुद्र से बरामद किये।
लीबिया में रेड क्रॉस भी कर रही लोगों की मदद
लीबिया में रेड क्रॉस अंतरराष्ट्रीय कमेटी के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख यान फ्राइडेज ने बताया कि डर्ना शहर में बाढ़ से जबरदस्त तबाही मची है। उन्होंने बताया कि सैनिकों, सरकारी कर्मचारियों, स्वयंसेवियों और निवासियों सहित स्थानीय आपात सेवाओं से जुड़े लोग बचाव अभियान में शामिल हैं।
इन देशों ने लीबिया में भेजी मानवीय सहायता
लीबिया के पड़ोसी देशों मिस्र, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया, साथ ही तुर्किये और संयुक्त अरब अमीरात ने बचाव दल और मानवीय सहायता भेजी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अमेरिका राहत संगठनों को आपात वित्तीय सहायता भेज रहा है और अतिरिक्त मदद प्रदान करने के लिए लीबिया के अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र के साथ समन्वय कर रहा है।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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