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अलविदा कमला ! चला गया कांग्रेस की जाट राजनीति का चेहरा

श्रद्धांजलि

अलविदा कमला ! चला गया कांग्रेस की जाट राजनीति का चेहरा

श्रद्धांजलि//Rajasthan/Jaipur :

राजस्थान की पूर्व और पहली महिला उपमुख्यमंत्री तथा देश के कई राज्यों की राज्यपाल रह चुकीं डॉ. कमला बेनीवाल का बुधवार को जयपुर में निधन हो गया। कल जयपुर में ही उनका अंतिम संस्कार होगा। डॉ। कमला बेनीवाल के पुत्र आलोक बेनीवाल भी विधायक रह चुके हैं। 

कांग्रेस की जाट राजनीति का चेहरा रहीं कमला बेनीवाल भी उपचुनावों से ही निकलीं। उन्होंने 1954 में आमेर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीता। इसके बाद वे राजस्थान की उपमुख्यमंत्री से लेकर गुजरात और मिजोरम की राज्यपाल तक बनीं। साल 2003 में कमला बेनीवाल उपमुख्यमंत्री बनी। बतौर मंत्री बेनीवाल के बाद  गृह, चिकित्सा और स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विभाग रहे। अशोक गहलोत सरकार में भी वे राजस्व मंत्री रहीं।  
पार्टी में विभिन्न पदों को संभाला
1977 के चुनावों के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव, राजस्थान कांग्रेस कार्यकारी समिति के सदस्य, राजस्थान महिला कांग्रेस के अध्यक्ष, राजस्थान प्रदेश चुनाव समिति के सदस्य व बाद में चुनाव अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
तीन राज्यों की राज्यपाल रहीं
डॉ. कमला को 2009 में त्रिपुरा का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। वह पूर्वोत्तर भारत के किसी भी राज्य की पहली महिला राज्यपाल थीं। एक महीने बाद, उन्हें 27 नवंबर, 2009 को गुजरात का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने चार साल से अधिक समय तक सेवा की। 6 जुलाई, 2014 को उनका तबादला मिजोरम के राज्यपाल पद पर कर दिया गया। सिंचाई मंत्री के रूप में उन्होंने राजस्थान में लगभग 48,000 जल संचयन संयंत्रों के जिला कार्यक्रम बनाने का कार्य पूरा किया। जयपुर में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने जयपुर में एक संस्कृत विश्वविद्यालय भी स्थापित किया है। लगभग 20 वर्षों तक विभिन्न रैंकों में भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ में राजस्थान इकाई के प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया है। 1994-95 में इफको द्वारा प्रदत्त भारत का सर्वश्रेष्ठ सहकारी पुरस्कार दिया गया।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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