ध्य प्रदेश के चर्चित जस्टिस रोहित आर्य ने भाजपा का दामन थामा प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर के विरुद्ध सख्ती, ट्रेनिंग रद्द कर वापस भेजा गया मसूरी अकादमी..! बदले में पूजा ने पुणे डीएम पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप हरभजन, युवराज सिंह और रैना मुश्किल में, पैरा एथलीट्स का उड़ाया था मजाक..FIR दर्ज आज है विक्रम संवत् 2081 के आषाढ़ माह के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि रात 08:33 बजे तक तदुपरांत एकादशी तिथि प्रारंभ यानी मंगलवार, 16 जुलाई 2024
हसीनजहां ने की तलाक पर हिंदुओं जैसे कानून की मांग: कहा- शमी के दिए तलाक-उल-हसन को सही नहीं मानती

अदालत

हसीनजहां ने की तलाक पर हिंदुओं जैसे कानून की मांग: कहा- शमी के दिए तलाक-उल-हसन को सही नहीं मानती

अदालत//Delhi/New Delhi :

तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से भारत में एक जैसा कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे शरीयत कानून से पीड़ित हैं। उसके तहत दिए गए तलाक-उल-हसन को वह सही नहीं मानतीं।

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य गेंदबाज मोहम्मद शमी इस समय आईपीएल में कमाल कर रहे हैं। दूसरी ओर उनकी पत्नी हसीन जहां ने देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शमी और उनकी पत्नी के बीच बात तलाक तक पहुंच गई है। इस बीच शमी की पत्नी ने शीर्ष अदालत से यह मांग की है कि भारत में तलाक के लिए एक जैसा कानून होना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि मुसलमानों में तलाक-उल-हसन और न्यायिक दायरे के बाहर तलाक देने की जो परंपरा है, उसे रद्द करना चाहिए।
याचिका में क्या लिखा गया है
शमी की पत्नी की ओर से अधिवक्ता दीपक प्रकाश ने याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा कि हसीन जहां न्यायिक दायरे के बाहर मिलने वाले तलाक-उल-हसन के एकतरफा प्रक्रिया से पीड़ित हैं। जहां को उनके पति मोहम्मद शमी की ओर से पिछले साल 23 जुलाई, 2022 को तलाक-उल-हसन के तहत ही तलाक का पहला नोटिस दिया गया था। यह नोटिस शमी के वकील की ओर से दिया गया था।
कठोर प्रथाओं की मारी हसीन जहां 
हसीन जहां के वकील ने कोर्ट से कहा कि शमी की पत्नी शरीयत कानून में शामिल कठोर प्रथाओं से पीड़ित हैं। तलाक-ए-बिद्दत के अलावा इस कानून में और भी ऐसे तलाक हैं, जो पुरुषों को उनकी मनमर्जी और सनक में बीवियों को छोड़ने का मौका देते हैं। इसमें तलाक देने वाले पति अपनी पत्नियों को सुलह का अधिकार, सुनवाई किए बिना ही अपना फैसला लाद देते हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शरीयत एप्लीकेशन एक्ट, 1937 की धारा 2 असंवैधानिक है। यह देश के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 का भी उल्लंघन करती है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार की याचिका 
मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि मैं शरीयत की मारी हूं। ऐसे में शीर्ष अदालत से मेरी मांग है कि देश में कानून के लिए एक जैसा कानून होना चाहिए। जहां का कहना है कि मुसलमानों में शरीयत कानून के तहत मिलने वाले तलाक-उल-हसन और न्यायिक दायरे के बाहर तलाक की दूसरी परंपराओं को भी रद्द किया जाना चाहिए। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। यही नहीं, कोर्ट ने केंद्र सरकार और महिला आयोग को भी नोटिस जारी किया है।
शमी को नहीं मिला है तलाक
मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच कानूनी तलाक नहीं हुआ है। फिलहाल दोनों अलग रह रहे हैं। तय शर्तों के मुताबिक, शमी को अपनी पत्नी को हर महीने 1 लाख, 30 हजार रुपये देने होते हैं जिसमें से 80 हजार रुपये वो अपनी बेटी के पालन-पोषण के लिए देते हैं। शमी आईपीएल सीजन 2023 के लिए गुजरात टाइटंस की ओर से खेल रहे हैं। इस सीजन वो 19 विकेट के साथ सबसे ज्यादा विकेट टेकर्स की लिस्ट में चैथे स्थान पर हैं।
 

You can share this post!

author

Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

Comments

Leave Comments