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नाबालिग बेटे के पासपोर्ट से पिता का नाम हटवाने कोर्ट पहुंची सिंगल मदर, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला..!

दिल्ली हाई कोर्ट ने पासपोर्ट से पिता का नाम हटाने को लेकर अहम फैसला सुनाया

अदालत

नाबालिग बेटे के पासपोर्ट से पिता का नाम हटवाने कोर्ट पहुंची सिंगल मदर, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला..!

अदालत//Delhi/New Delhi :

दिल्ली हाई कोर्ट ने पासपोर्ट से पिता का नाम हटाने को लेकर अहम फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने कहा यदि पिता ने बच्चे के जन्म से पहले पत्नी को छोड़ दिया है तो बच्चे के पासपोर्ट से नाम हट सकता है। सिंगल मां के पक्ष में एक याचिका का फैसला सुनते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने पासपोर्ट अधिकारियों को उसके नाबालिग बेटे के पासपोर्ट से पिता का नाम हटाने का निर्देश दिया। 

क्या गुहार लगायी थी  सिंगल मदर ने 
सिंगल मदर याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा था कि बच्चे को उसके पिता ने जन्म से पहले ही छोड़ दिया था। चूंकि वह सिंगल पैरेंट हैं और बच्चे की पूरी ज़िम्मेदारी वही उठाती है। बच्चे को उसने अकेले ही पाला है।  ऐसे में उसके पासपोर्ट से बच्चे के पिता का नाम हटाया जाए। <

"यदि पिता ने बच्चे के जन्म से पहले पत्नी को छोड़ दिया है तो बच्चे के पासपोर्ट से पिता का नाम हट सकता है। " दिल्ली हाई कोर्ट ने पासपोर्ट नाम को लेकर अहम फैसला सुनाया..!

— News Thikana (@news_thikana) May 2, 2023

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दिल्ली हाईकोर्ट  ने दिया अहम फैसला 
यह एक ऐसा मामला है जहां पासपोर्ट अधिकारियों द्वारा बच्चे के पिता के नाम पर जोर नहीं दिया जाना चाहिए।  दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला के पक्ष में 19 अप्रैल के फैसला सुनाते हुए पासपोर्ट अधिकारियों को आदेश दिया कि बच्चे के पिता का नाम पासपोर्ट से हटा दिया जाए और एक नया पासपोर्ट जारी किया जाए। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कुछ खास परिस्थितियों में जैविक पिता का नाम हटाया जा सकता है और उपनाम बदला भी जा सकता है। 

अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि मौजूदा मामला अनूठा होने के साथ-साथ अजीबोगरीब परिस्थितियों से भरा है। उन्होंने कहा कि तथ्यों को देखने से पता चलता है कि पत्नी से तलाक लेते वक्त व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे के प्रति अपनी सभी जिम्मेदारियों को छोड़ दिया था। इतना ही नहीं,उसने बेटे से मुलाकात का अधिकार भी त्याग दिया था।

हाईकोर्ट ने कहा कि तथ्यों से साफ है कि पिता ने अपने नाबालिग बेटे का भरण-पोषण नहीं किया और न ही इसके लिए कोई गुजाराभत्ता दिया। फैसले में कहा गया है कि इसके अलावा, बच्चा अपनी माता और नाना-नानी के सरनेम का उपयोग कर रहा है, जिससे जाहिर होता है कि पिता बच्चे के साथ कोई सरोकार या संबंध नहीं रखना चाहता। हाईकोर्ट ने पासपोर्ट ऑफिस को आदेश दिया कि पिता के नाम के बगैर ही बच्चे का नया पासपोर्ट जारी करें।

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सौम्या बी श्रीवास्तव

By News Thikhana

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