पीएम मुद्रा लोन की सीमा दोगुनी कर 20 लाख की घोषणा कैंसर की 3 दवाओं पर नहीं लगेगी कस्टम ड्यूटी, निर्मला सीतारमण का ऐलान देश में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये लोन की घोषणा 'दुकानदारों को अपनी पहचान बताने की जरूरत नहीं'- कांवड़ यात्रा नेमप्लेट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट
Turkey Earthquake  : तुर्की में भूकंप से भारतीय विजय की मौत, शरीर पर बने टैटू से हुई शव की पहचान

Turkey Earthquake

आपदा

Turkey Earthquake : तुर्की में भूकंप से भारतीय विजय की मौत, शरीर पर बने टैटू से हुई शव की पहचान

आपदा///Ankara :

उत्तराखंड के कोटद्वार स्थित पदमपुर के रहने वाले 36 वर्षीय विजय कुमार गौड़ अपनी कंपनी के काम से तुर्की गए हुए थे। 

Turkey Earthquake  :

तुर्की और सीरिया में आए 7.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद से लापता बताए जा रहे भारतीय नागरिक की मौत हो गई। भारतीय दूतावास ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित विजय कुमार गौड़ का शव तुर्की के मलत्या इलाके में एक चार सितारा होटल के मलबे में मिला था। उसके परिवार ने एक टैटू के आधार पर उसकी पहचान की।
उत्तराखंड के कोटद्वार के रहने वाले गौड़ बेंगलूरु स्थित ऑक्सी प्लांट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के लिए काम करते थे और जब सोमवार को क्षेत्र में भूकंप आया तो वह तुर्की की बिजनेस ट्रिप पर थे।
तुर्की में भारतीय दूतावास ने एक ट्वीट में कहा, ‘हम दुख के साथ सूचित करते हैं कि 6 फरवरी के भूकंप के बाद से लापता हुए एक भारतीय नागरिक विजय कुमार के नश्वर अवशेष मिले हैं। मलत्या में एक होटल के मलबे के बीच उनकी पहचान की गई है, जहां वह एक बिजनेस ट्रिप पर ठहरे हुए थे।’ बयान में कहा गया है कि उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके परिवार तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। 
मृतक के एक दोस्त ने मीडिया से बातचीत में बताया कि विजय के परिवार को एंबेसी से फोन आया था। उन्हें एक बॉडी मिली थी, जिसकी पहचान के लिए कुछ निशान आदि मांग रहे थे। यहां से बताया गया कि उनके हाथ पर एक टेटू है, जिसके बाद पुष्टि हो गई कि हमारे विजय भाई नहीं रहे। उन्होंने बताया कि विजय 22 जनवरी को कंपनी के काम से तुर्की गए थे और 20 फरवरी को उन्हें वापस आना थे लेकिन भूकंप में उनकी जान चली गई। वहीं, शव को लाए जाने के सवाल पर उन्होंने बताया, ‘शव यहां तक पहुंचने में 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। वहां हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है। सड़क मार्ग से इस्तांबुल भेज रहे हैं। वहां से फिर विमान के जरिये दिल्ली आएगा, जहां हम लेने जाएंगे।’
विजय के बड़े भाई अरुण ने बताया था कि विजय बेंगलूरु के ऑक्सी प्लांट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में नौकरी करता था और 22 जनवरी को कंपनी के काम से तुर्की गया था। भूकंप की खबर मिलते ही उन्होंने अपने भाई को फोन मिलाया, लेकिन घंटी बजती रही और किसी ने उसे नहीं उठाया। अरुण ने बताया कि विजय से पांच फरवरी को आखिरी बार बात हुई थी और उसे 20 फरवरी को वापस आना था। भूकंप के बाद विजय के परिवार में उनकी पत्नी और 6 साल का एक बेटा बचा है।

You can share this post!

author

Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

Comments

Leave Comments