तहलका मचा देगा स्वदेशी एस-400: टेस्टिंग में दिखी महाहथियार की ताकत

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तहलका मचा देगा स्वदेशी एस-400: टेस्टिंग में दिखी महाहथियार की ताकत

सेना//Delhi/New Delhi :

डीआरडीओ ने आखिर वो हथियार बना लिया है, जिसकी भारत को सबसे ज्यादा जरूरत है। संगठन ने देश में बने स्वदेशी एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम जैसे महाहथियार की सफल टेस्टिंग की है। इसका नाम है, वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (वीएसआरएडीएस)। यह हथियार तेज गति से आने वाले ड्रोन, फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर या मिसाइल को मार सकता है। खासियत ये है कि इसे कहीं भी तैनात कर सकते हैं।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने 28 और 29 फरवरी को ओडिशा के समुद्र तट पर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) चांदीपुर में बहुत कम दूरी की हवाई रक्षा प्रणाली ( वीएसआरएडीएस) का सफल परीक्षण किया। यह एयर डिफेंस सिस्टम रूस के एस-400 की तरह ही है। इस मिसाइल की स्पीड एयर डिफेंस सिस्टम के हिसाब से बेहतरीन है। इससे दुश्मन के यान, विमान, हेलिकॉप्टर और ड्रोन को भागने या बचने का मौका ही नहीं मिलेगा। 
हल्का लेकिन बेहद कारगर
वीएसआरएडीएस का वजन 20.5 किलोग्राम होता है। इसकी लंबाई करीब 6.7 फीट है और व्यास 3.5 इंच। यह अपने साथ 2 किलोग्राम वजन का हथियार ले जा सकता है। इसकी रेंज 250 मीटर से 6 किलोमीटर है। अधिकतम 11,500 फीट तक जा सकता है। अधिकतम गति मैक 1.5 है। यानी 1800 किमी प्रतिघंटा। इससे पहले इसकी टेस्टिंग पिछले साल मार्च और 2022 में 27 सितंबर को की गई थी। 
कहीं से भी दागा जा सकता है
वीएसआरएडीएस को जमीन पर मौजूद मैन पोर्टेबल लॉन्चर से दागा गया। यानी इसे कोई भी आराम से किसी भी जगह ले जाकर दाग सकता है। चाहे वह चीन की सीमा से सटे हिमालय के पहाड़ हों। या फिर पाकिस्तान से सटी रेगिस्तानी सीमा। इससे विमान, फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, मिसाइल या ड्रोन को मार गिराया जा सकता है। वीएसआरएडीएस बेसिकली एक कम दूरी की इंटरसेप्टर मिसाइल है। जैसे रूस का एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम है। खास बात ये है कि इस हवाई सुरक्षा प्रणाली को देश में ही विकसित किया गया है। इसे बनाने में डीआरडीओ की मदद हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत ने की है। 
जानें इसकी खासियत... 
इस मिसाइल में कई तरह की नई आधुनिक तकनीकें लगाई गई हैं। जैसे- ड्यूल बैंड आईआईआर सीकर, मिनिएचर रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम, इंटीग्रेटेड एवियोनिक्स। इसका प्रोपल्शन सिस्ट ड्यूल थ्रस्ट सॉलिड मोटर है, जो इसे तेज गति प्रदान करता है। इस मिसाइल का इस्तेमाल भारतीय सेनाएं एंटी-एयरक्राफ्ट वॉरफेयर में कर सकती हैं।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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