ट्रेनी IAS पूजा खेडकर पर बड़ी कार्रवाई, UPSC ने दर्ज कराया केस NEET पेपर लीक केस: सॉल्वर बनने वाले सभी 4 स्टूडेंट्स को सस्पेंड करेगा पटना AIIMS माइक्रोसॉफ्ट सर्वर ठप: हैदराबाद एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स के लिए इंडिगो स्टाफ ने हाथ से लिखे बोर्डिंग पास बिलकिस बानो केस: 2 दोषियों की अंतरिम जमानत याचिका पर विचार करने से SC का इनकार आज है विक्रम संवत् 2081 के आषाढ़ माह के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि सायं 05:59 बजे तकयानी शनिवार, 20 जुलाई 2024
आईएनएस वर्षा : बन रहा है भारतीय नौसेना का सीक्रेट अंडरग्राउंड सबमरीन बंकर

सेना

आईएनएस वर्षा : बन रहा है भारतीय नौसेना का सीक्रेट अंडरग्राउंड सबमरीन बंकर

सेना/नौसेना/Andhra Pradesh/Hyderabad :

भारतीय नौसेना एक नया बेस बना रही है, जिसका नाम है आईएनएस वर्षा। यहां पर भारत की परमाणु पनडुब्बियां रहेंगी। खास बात यह है कि इस बेस पर रखी न्यूक्लियर सबमरीन को कोई देख नहीं पाएगा। क्योंकि इसे अंडरग्राउंड बेस बताया जा रहा है।

जल्द ही भारत का सीक्रेट नौसैनिक बेस तैयार होने जा रहा है, जहां पर परमाणु पनडुब्बियां रखी जाएंगी। इसे संचालित करेगा ईस्टर्न नेवल कमांड, जिसका मुख्यालय विशाखापट्टनम में है। पहले यह बेस गंगावरम में बनने वाला था लेकिन बाद में इस विशाखापट्टनम से 50 किमी दूर रामबिली में बनाया जा रहा है। विशाखापट्टनम बंदरगाह पर नौसैनिक और जहाजरानी मंत्रालय के जहाजों का आना जाना रहता है। विजाग में सभी जहाजों के खड़ा होने की जगह नहीं बचती। यहां साल 2006 में 15 युद्धपोत खड़े होते थे, लेकिन अब ये बढ़कर 46 हो चुके हैं। संख्या लगातार बढ़ती भी जा रही है। आईएनएस वर्षा नौसैनिक बेस में कम से कम 8 से 12 पनडुब्बियां रह पाएंगी।
अगले साल तक पूरा होगा काम
इस बंकर को प्रोजेक्ट वर्षा के तहत बनाया जा रहा है। यह नेवल अल्टरनेटिव ऑपरेशन बेस होगा। माना जा रहा है कि अगले साल तक इसका काम पूरा हो जाएगा। इस बेस को बनाने का क्लियरेंस 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया था। तब से इसका काम तेजी से हो रहा है। ताकि नौसैनिक ताकत को बढ़ाया जा सके। 
अंडरग्राउंड बेस होगा, छिपी रहेंगी पनडुब्बियां
रामबिली नौसैनिक बेस आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ले जिले में आता है। इसकी लोकेशन ऐसी है कि भारतीय नौसेना पूर्वी और पश्चिमी तट दोनों की सुरक्षा आसानी से कर सकती है। ओपन सोर्स सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि पहले फेज में ही दर्जनों सुरंगें बना ली गई हैं। यानी यह बेस अंडरग्राउंड होगा। जमीन पर नही दिखेगा। 
परमाणु केंद्र से नजदीक है नौसैनिक अड्डा
इन सुरंगों के अंदर 8 से 12 परमाणु संचालित बैलिस्टिक सबमरीन और असॉल्ट सबमरीन रखी जाएंगी। यह बेस भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर की फैसिलिटी के नजदीक है। इसकी वजह से यह फैसिलिटी भी ज्यादा सुरक्षित रहेगी। बेस में अंडरवाटर सुरंगें होंगी, जिसके अंदर पनडुब्बियों को रखा जाएगा। 
चीन और पाकिस्तान की हालत खराब
इसके अलावा यहां पर कई तरह के नौसैनिक युद्धपोत भी खड़े हो सकेंगे। भारत जिस तरह से अपनी नौसैनिक ताकत को बढ़ा रहा है, उससे चीन और पाकिस्तान की हालत खराब है। इस बेस के ऊपर का हिस्सा पहाड़ी है, जिसके ऊपर जंगल है। यह करीब 670 हेक्टेयर में फैला है। बार्क की दूरी यहां से मात्र 20 किलोमीटर है।

You can share this post!

author

Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

Comments

Leave Comments