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प्रेरणादायी कार्यः पेड़ों के नीचे रख दिये गये ईश्वर के टूटे-फूटे चित्रों और मूर्तियों का किया जा रहा है संकलन

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प्रेरणादायी कार्यः पेड़ों के नीचे रख दिये गये ईश्वर के टूटे-फूटे चित्रों और मूर्तियों का किया जा रहा है संकलन

धर्म//Rajasthan/Jaipur :

गीत तो बहुत गाये गये कि जो ' राम को लाये हैं, हम उनको लाएंगे..' लेकिन क्या हुआ, वही ढाक के तीन पात। भारतीय जनता पार्टी  जिसके मैनिफेस्टो में हमेशा से अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि में श्री राम लला का भव्य मंदिर बनाना रहा, उस फैजाबाद क्षेत्र जहां अयोध्या है, में भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा उम्मीदवार को करारी हार का सामना करना पड़ा। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है कि हम उनको भूल जाते हैं, जिन्होंने एक मंदिर से न केवल अयोध्या बल्कि समूचे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बदल डालने का प्रयास किया है। हमारी प्रवृत्ति ऐसी है कि हम अयोध्या के राम मंदिर के निर्माण कार्य की महत्ता को ही नहीं समझते  तो हम हमारे घरों में रखे ईश्वर के चित्र और उनकी मूर्तियों की महत्ता को क्या ही समझेंगे।

हमारी आस्थाएं इतनी गिरी हुई हैं कि  जितने समय हमें आवश्यकता होती है, उसते समय ही हम ईश्वर की मूर्ति या चित्रों को घर में रखते हैं अन्यथा उन्हें किसी पेड़ के नीचे रखकर अपने उत्तरदायित्व की इतिश्री कर लेते हैं। बहुत ही निंदनीय है कि हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमारे टूटी-फूटी ही सही लेकि ईश्वर मूर्तियों या चित्रों को इंसानों या जानवरों द्वारा गंदा किया जाता रहता है।

इन परिस्थितियों के बीच एक प्रेरणादायी और आनंददायक समाचार सामने आया है कि जयपुर के दीपक मिश्रा की प्रेरणा से एक अभियान चलाया जा रहा है जिसमें खण्डित मूर्तियों और टूटे-फूटे चित्रों का संकलन किया जा रहा है ताकि घरों इनके उपयोग के बाद अपमान ना हो। इस अभियान में बढ़-चढ़ सहयोग दे रहे हैं जयपुर मे डॉ. अशोक दुबे, संदीप शर्मा, कपिल पचौरी, नितेश शर्मा,राहुल शर्मा,,दीपक कराड़िया, पुनीत जैन,भुवनेश अग्रवाल आदि। ये सभी मिलकर इंदिरा गांधी नगर,जगतपुरा के विभिन्न सेक्टर्स से खंडित मूर्तियों के संकलन का काम कर रहे हैं। 

डॉ. अशोक दुबे का कहना है कि खंडित मूर्तियों को आम आदमी , शुद्ध जल में प्रवाहित करने के स्थान पर अपने घर से हटाकर किसी सार्वजनिक स्थल यथा मंदिर परिसर, धार्मिक वृक्ष यथा पीपल, बड़ इत्यादि के नीचे रख देते हैं जो कि सनातन संस्कृति के दृष्टिकोण से अनुचित है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ईश्वर की खण्डित मूर्तियों और टूटे-फूटे ईश्वरीय चित्रों का संकलन किया जा रहा है। संकलन के पश्चात उचित विधि से इनका निष्पादन किया जा सकेगा। Newsthikana.com परिवार की ओर से इस धार्मिक कार्य की शुरुआत  करने वाले सभी बंधुओं को बधाई और शुभकामनाएं।

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