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लोकसभा चुनाव-2024: राजस्थान की हाईप्रोफाइल सीटों पर क्या कहते हैं समीकरण!

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लोकसभा चुनाव-2024: राजस्थान की हाईप्रोफाइल सीटों पर क्या कहते हैं समीकरण!

राजनीति//Rajasthan/Jaipur :

राजस्थान में लोकसभा चुनावों की तारीख तय होने के बाद सियासी गर्मी तेज हो गई है। प्रदेश के कई सीटें ऐसी है, जहां बीजेपी-कांग्रेस दोनों पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इन स्थानों पर भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

देश में लोकसभा चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान हो गया है। 19 अप्रैल से देश में सात चरणों में मतदान होगा। इधर, चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद राजस्थान की सियासत में हलचल तेज हो गई है। राजस्थान की कुल 25 लोकसभा सीटों को लेकर दो चरण में मतदान होंगे। इनमें 12 सीटों पर पहले चरण में 19 अप्रैल को तथा 13 सीटों पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होंगे। 
इसको लेकर राजस्थान की कुछ लोकसभा सीटें हाई प्रोफाइल है। जिन पर सब लोगों की नजर टिकी हुई है। इस मुकाबले में मौजूदा चार केंद्रीय मंत्री भी चुनावी मैदान में है। इस रिपोर्ट के माध्यम से ऐसी लोकसभा सीटों और वहां की समीकरणों के बारे में।।।
उदयपुर लोकसभा सीट
उदयपुर लोकसभा क्षेत्र एक एसटी सीट है। इस सीट पर दो सेवानिवृत्त अफसरों के बीच मुकाबला है। बीजेपी ने इस सीट पर मन्नालाल रावत को उम्मीदवार घोषित किया है। मन्नालाल रावत राजस्थान परिवहन विभाग में एडिशन कमिश्नर रह चुके हैं। मन्नालाल रावत ने चुनाव लड़ने के लिए वीआरएस लिया है। कांग्रेस ने भी रिटायर्ड आईएएस ताराचंद मीणा को उदयपुर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। ताराचंद मीणा ने हाल ही में वीआरएस लिया है। ताराचंद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं। सियासत में चर्चा है कि गहलोत की वजह से ही ताराचंद मीना को कांग्रेस का टिकट मिला। ऐसे में उदयपुर सीट पर चुनाव दिलचस्प होने वाला है।
चित्तौड़गढ़ लोकसभा सीट
राजस्थान की चित्तौड़गढ़ लोकसभा सेट सियासत के सुर्खियों में है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी को फिर से चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। जबकि कांग्रेस ने वहां के लोकल उम्मीदवार पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना को टिकट दिया है। इस दौरान निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने भी गत दिनों निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। लेकिन बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल करते हुए बीती रात उन्हें मना लिया। इस दौरान चंद्रभान सिंह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के सामने बिना किसी शर्त के बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा की।
चूरू लोकसभा सीट
चूरू लोकसभा सीट को लेकर राजस्थान की सियासत में जमकर बवाल हुआ। इस दौरान भाजपा ने मौजूदा सांसद राहुल कस्वां का टिकट काट दिया, जिसके कारण उन्होंने बीजेपी से बगावत करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली। इस पर कांग्रेस ने उन्हें चूरू से लोकसभा सीट का टिकट दे दिया है। जबकि भाजपा की ओर से पैरा ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट देवेंद्र झाझडिया को टिकट दिया। ऐसे में बीजेपी को लगातार दो बार के सांसद रह चुके राहुल कस्वां से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है।
जालोर-सिरोही लोकसभा सीट
जालोर सिरोही लोकसभा सीट भी राजस्थान की सियासत की सुर्खियों में हैं। कांग्रेस ने यहां से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को टिकट दिया है। जबकि भाजपा की ओर से लुम्बाराम उम्मीदवार हैं। गहलोत के बेटे के चुनाव को लेकर राजस्थान की सियासत की नजरें इस सीट पर टिकी हुई है, क्योंकि इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रतिष्ठा दांव पर है। ऐसे में उम्मीद है कि जालोर-सिरोही लोकसभा सीट पर रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
अलवर लोकसभा सीट
राजस्थान की अलवर लोकसभा सीट से भाजपा-कांग्रेस में यादव बनाम यादव की टक्कर तय हो गई है। यहां से भाजपा ने राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव को चुनावी मैदान में उतारा हैं। जिनसे मुकाबले के लिए कांग्रेस ने विधायक ललित यादव को टिकट दिया है। इधर, ललित यादव को टिकट देने को लेकर कांग्रेस में जमकर बवाल हुआ। इसको लेकर शनिवार को पूर्व सांसद करण सिंह यादव समेत 18 कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी ज्वाइन कर ली। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि करण सिंह यादव के बीजेपी में शामिल होने पर कांग्रेस को नुकसान हो सकता है।
कोटा-बूंदी लोकसभा सीट
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 2014 से कोटा-बूंदी से सांसद हैं। उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव 2।79 लाख वोटों के अंतर से जीता था। कोटा मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज प्रवेश परीक्षाओं के लिए कोचिंग और शिक्षा नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। जहां देश भर से बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग में तैयारी के लिए आते हैं। कोटा लोकसभा सीट से कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। इस लोकसभा चुनाव। कोटा में दूसरे चरण में 26 अप्रैल को वोटिंग होगी।
जयपुर लोकसभा सीट
जयपुर को लोकसभा की ‘वीआईपी सीट’ माना जाता है। रामचरण बोहरा यहां से दो बार से सांसद हैं। जयपुर को बीजेपी का गढ़ माना जाता है। हालांकि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही अभी यहां उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। कयास हैं कि जयपुर लोकसभा सीट से भाजपा किसी ब्राह्मण चेहरे को मौका दे सकती है। दोनों ही राजनीतिक दल यहां से उम्मीदवारों के नाम को लेकर मंथन में जुटे हुए हैं। लोकसभा चुनाव के चलते जयपुर में पहले चरण में 19 अप्रैल को वोटिंग होगी।
बीकानेर लोकसभा सीट
दलित नेता और मोदी मंत्रिमंडल के प्रमुख चेहरों में से एक अर्जुन राम मेघवाल 2009 से बीकानेर सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस चुनाव में यहां मेघवाल वर्सेस मेघवाल की लड़ाई देखने को मिल रही है। ठश्रच् ने इस बार फिर अर्जुनराम मेघवाल को उम्मीदवार बनाया है तो, कांग्रेस ने पिछली गहलोत सरकार में मंत्री रहे गोविंदराम मेघवाल को टिकट दिया है। लोकसभा चुनाव को लेकर घोषित कार्यक्रम के अनुसार बीकानेर में पहले चरण में 19 अप्रैल को वोटिंग होनी है।
जोधपुर लोकसभा सीट
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर से दो बार से सांसद हैं। बीजेपी ने उन्हें फिर से चुनावी मैदान में उतारा। शेखावत ने 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को 2।74 लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया था। जोधपुर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला है। इधर, कांग्रेस ने नए चेहरे पर दाव खेला है। इसके तहत उन्होंने करण सिंह उचियारड़ा को शेखावत के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा। लोकसभा चुनाव कार्यक्रम के तहत जोधपुर में दूसरे चरण में 26 अप्रैल को वोटिंग होगी।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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