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खुशबू से करें नवग्रहों को शांत, ग्रहों की पसंद अनुसार इत्र लगाकर पाएं दोषों से मुक्ति..!

न्यूजठिकाना एक्सक्लूसिव

खुशबू से करें नवग्रहों को शांत, ग्रहों की पसंद अनुसार इत्र लगाकर पाएं दोषों से मुक्ति..!

न्यूजठिकाना एक्सक्लूसिव//Rajasthan/Jaipur :

हिंदू धर्म में नवग्रहों की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। ग्रह मनुष्य जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार हमें शुभ-अशुभ परिणाम मिलते हैं। ग्रहों की वजह से अगर आपके जीवन में समस्याओं का अंबार लगा है तो इन्हें शांत करने के लिए आप सुगंध का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं ग्रहों की पसंद के अनुसार इत्र या सुगंध का प्रयोग करने पर इन्हें अनुकूल बनाए रखने में मदद मिलती है।

आचार्य वराहमिहिर द्वारा रचित ज्योतिषशास्त्र के गम्भीर ग्रन्थ बृहत्संहिता में केशकल्प, दन्तकाष्ठ, सुगन्धित तैल, औषध-स्नान एवं विभिन्न औषधियों व प्रयोगों का उल्लेख किया है। परन्तु ज्योतिष के ग्रन्थों में इन प्रकरणों का कोई औचित्य प्रासंगिक नही लगता परन्तु इन प्रकीर्ण प्रसंगों ने यह साबित कर दिया है कि वराहमिहिर आयुर्वेद, रसायन-शास्त्र के प्रखर विद्वान थे और ग्रह-उपचार के तौर पर सुगन्धित द्रव्यों का भी प्रयोग किया जाता था। इन प्रसंगों से आयुर्वेद और ज्योतिषशास्त्र का अन्योन्याश्रित सम्बन्ध एवं घनिष्ठता स्वत: ही प्रमाणित होती है। रससिद्ध वैद्य होने के साथ आचार्य वराहमिहिर ने सुगन्धित इत्र बनाने की अनेक विधियों का भी उल्लेख बृहत्संहिता में किया है।

ज्योतिषशास्त्र ने भी शरीर पर इत्र लगाने को पुष्टिवर्धक, बलवर्धक माना है। मान्यता है कि इत्र लगाना सम्पूर्ण इन्द्रियों को सन्तर्पण करने वाला होता है। दर्शन शक्ति को पुष्ट करने वाला और मस्तिष्क में होने वाले मानसिक रोगों को दूर करने वाला, स्वभाव में कोमलता, मस्तिष्क को बल प्रदान भी करता है। इत्र काम को प्रदीप्त करता है अर्थात् रमणकाल में उत्साह बढ़ाता है। हर्ष को उत्पन्न करता है। सुगंध के चमत्कार से प्राचीनकाल के लोग परिचि‍त थे तभी तो वे घर और मंदिर आदि जगहों पर सुगंध का विस्तार करते थे। यज्ञ करने से भी सुगंधित वातावरण निर्मित होता है। सुगंध के सही प्रयोग से एकाग्रता बढ़ाई जा सकती है। सुगंध से स्नायु तंत्र और डिप्रेशन जैसी बीमारियों को दूर किया जा सकता है।

तो जानते हैं सुगंध का सही प्रयोग कैसे करें और साथ ही जानते हैं सुगंध का जीवन में महत्व क्या है।  मनुष्य का मन चलता है शरीर के चक्रों से और इन चक्रों पर रंग, सुगंध और शब्द (मंत्र) का गहरा असर होता है।

 

                                                                               किस राशि वाले कौन सा इत्र उपयोग करें

मेष- इस राशि के लोगों को अपनी राशि के अनुसार बेला, गुलाब की सुगंध के इत्र लगाने चाहिए। मंगल देव को अनुकूल बनाए रखना चाहते हैं तो लाल चंदन की सुगंध का प्रयोग करें. इसे आप तेल, इत्र की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.

वृष- अपनी प्रकृति के अनुसार वृष राशि वालों को चमेली की सुगंध के इत्र लगाने चाहिए। शुक्र को शांत करने के लिए सफेद सुगंधित फूल,  सफेद चंदन और कपूर की सुगंध का उपयोग लाभकारी साबित होता है.

मिथुन- अपने राशि स्वभाव के अनुसार आप हरसिंगार, जूही, की सुगंध वाले इत्र का उपयोग करें। इलायची और चंपा की सुगंध बुध को प्रिय है.  इनका इत्र या तेल के इस्तेमाल करना बुध की दृष्टि से उत्तम माना जाता है

कर्क- आप अपने राशि स्वामी चन्द्रमा के अनुसार केवड़ा की खुशबू वाले इत्र का उपयोग करें। कुंडली में चंद्र ग्रह कमजोर हो तो व्यक्ति को शरीर में जल संबंधी बीमारियों हो जाती है. ऐसे में चंद्रमा की शुभता पाने के लिए चमेली और रात रानी के इत्र  का उपयोग कर सकते हैं.

सिंह- इस राशि के लोग अपनी राशि के अनुसार जूही मोतिया फ्लेवर वाले इत्र लगाएं। अगर कुंडली में सूर्य के अशुभ प्रभाव मिल रहे हों तो केसर या गुलाब की सुगंध का इस्तेमाल करें

कन्या- इस राशि वालों के लिए जाफरन की सुगंध वाले इत्र उत्तम रहेगा । इलायची और चंपा की सुगंध बुध को प्रिय है.  इनका इत्र या तेल के इस्तेमाल करना बुध की दृष्टि से उत्तम माना जाता है

तुला- आपके राशि स्वामी शुक्र देव के अनुसार हिना जैसमाइन सुगंध वाले इत्र लगाएं। शुक्र को शांत करने के लिए सफेद सुगंधित फूल,  सफेद चंदन और कपूर की सुगंध का उपयोग लाभकारी साबित होता है.

वृश्चिक- कदम की सुगंध जैसे इत्र आपकी राशि के लिए भाग्यशाली रहेंगे। मंगल देव को अनुकूल बनाए रखना चाहते हैं तो लाल चंदन की सुगंध का प्रयोग करें. इसे आप तेल, इत्र की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.

धनु- आप अपनी राशि के अनुसार चंदन जैसी कुछ अच्छी सुगंध के इत्र का उपयोग करें। बृहस्पति ग्रह की शांति केवड़े या फिर केसर की सुगंध का उपयोग कर सकते हैं.

मकर- अपने राशि स्वामी शनि के अनुसार आप एनर्जेटीक सुगंध वाले इत्र जैसे खुश, मौलसिरी फ्लेवर का उपयोग करें। शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने में सौंफ की सुगंध भी घर में इस्तेमाल कर सकते हैं.

कुंभ- ताजगी भरी सुगंध आपकी राशि के लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगी यानी आप मिट्टी, मोतिया फ्लेवर वाले इत्र का उपयोग करें। शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने में सौंफ की सुगंध भी घर में इस्तेमाल कर सकते हैं.

मीन- रजनीगंधा जैसी सुगंध वाले इत्र आपकी राशि के लिए उपयुक्त रहेगी। बृहस्पति ग्रह की शांति केवड़े या फिर केसर की सुगंध का उपयोग कर सकते हैं।

 

                                                                                                        लाभ

यदि आप घर से किसी जरूरी काम के लिए बाहर जा रहे हो तब आप को थोड़ा सा इत्र अपनी नाभि में लगाकर निकलना चाइये इससे आप के जरूरी काम में कभी धन की कमी नही होगी. और जिन लोगो से आप मिले गे वो सब आप की और आकर्षित होगे क्यों की इत्र का छिड़काव शुक्र देव को अति प्रिय है। जिसके कारण आप को कोई कमी नही होगी। यदि आप को ज्यादा गुस्सा आता है और आप बात बात पर बहुत ज्यादा क्रोधित हो जाते है तो आपको चन्दन अथवा मोगरे का इत्र इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है क्योकि चन्दन व मोगरा अत्याधिक ठंडा इत्र माना जाता है जिसके कारण आप के शरीर की सभी धमनी शांत रहती है।अगर आपको माइग्रेन या सर दर्द से सम्बन्धित परेशानी रहती है तो यह उपाय उसमे भी अत्यंत लाभकारी है। यदि आप के साथ हमशा बुरा हो रहा है साथ ही साथ आप जिस कार्य को भी करते है,वह कार्य किसी भी हालत में पूर्ण नही होता तो आप चन्दन का इत्र पानी में डाल कर स्नान करे और बाद में थोडा इत्र नाभि में लगाएं तो आप के सभी कार्य शुभ होने लगेंगे क्योंकि अगर आप का कोई कार्य पूर्ण नही होता तो आप पर राहू की क्रूर द्रष्टि रहती है। राहु इत्र खुशबू से शांत हो जाते है। यदि पति पत्नी में सम्बन्ध अच्छे नही है.तो आप शुक्रवार वाले दिन साबूदाने की खीर बनाकर साथ बैठ कर खाएं और इत्र का दान किसी मन्दिर में कर दे। इससे जल्द ही आप के सम्बन्ध अच्छे होने लगेंगे परन्तु हर रोज़ नाभि पर इत्र लगाना न भूलें। यदि आप के घर में हर रोज परिवारिक मतभेद चल रहे है तो हर रोज़ सुबह स्नान करके अपनी नाभि पर चन्दन का इत्र लगाकर पूरे घर में चंदन या मोगरे के इत्र का छिड़काव करें, आप को कुछ ही दिन में फर्क नज़र आने  लगेगा।

 

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डॉ अमित व्यास

By News Thikhana

देश-दुनिया के प्रसिद्ध वास्तुविद् एवं ज्योतिर्विद डॉ अमित व्यास विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में ज्योतिषीय विषयों पर निरंतर लिखते हैं। वे न्यूज ठिकाना के साथ सलाहकार के तौर पर शुरुआत से ही जुड़े रहे हैं और उन्होंने न्यूजठिकाना वेबसाइट के लिए भी अब लिखना शुरू कर दिया है। जो पाठक उनसे संपर्क करके अपनी जिज्ञासाओं का समाधान चाहते हैं, उनसे मोबाइल नंबर 9414044741 पर संपर्क कर सकते हैं।

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