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पाकिस्तान ने चुपके से खरीदी महाशक्तिशाली आसमानी आंख, अवाक्स की रेस में भारत पीछे

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पाकिस्तान ने चुपके से खरीदी महाशक्तिशाली आसमानी आंख, अवाक्स की रेस में भारत पीछे

सेना/वायुसेना// :

आधुनिक समय में लड़ाई के दौरान एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम या अवाक्स का इस्तेमाल किया जाता है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने चुपचाप एक नया अवाक्स अपनी सेना में शामिल कर लिया है। इसकी कुल संख्या अब 9 बताई जा रही है। 

पाकिस्तान ने चुपचाप एक नया हथियार अपनी सेना में शामिल कर लिया है। यह हथियार एरीआई एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम विमान है। इस नए विमान का क्रमांक 23058 है। नए विमान के साथ पाकिस्तानी एरीआई बेड़ा लगभग नौ पहुंच गया है। भारतीय वायुसेना तीन रूसी एएल-76 फाल्कन अवाक्स और दो एम्ब्रेयर नेत्रा प्रारंभिक चेतावनी वाले विमान संचालित करती है। पाकिस्तानी वायुसेना इस मामले में अब आगे है। पाकिस्तान के पास चीन का भी अवाक्स सिस्टम है।
अवाक्स आधुनिक युद्ध के दौरान जमीन और हवा में वायु रक्षा प्रणालियों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करता है। इन्हें सर्विलांस सिस्टम के नाम से जाना जाता है जो हवाई हमले करने और उन्हें रोकने में महत्वपूर्ण होते हैं। अवाक्स हवा में उड़ता हुआ सर्विलांस सिस्टम है, जिनका उपयोग उन जगहों पर किया जाता है, जहां पर जमीनी सर्विलांस नहीं हो पाता। विमानों के ऊपर लंबी दूरी के रडार लगे होते हैं, जिनके जरिए दुश्मन के इलाके और उसमें होने वाली हवाई गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मिलती है।
इसी साल किया गया शामिल
रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान को 2024 की शुरुआत में पाकिस्तानी एयरफोर्स में शामिल किया गया था। कई अन्य विमानों को शामिल करने वाले समारोह में ही यह पाकिस्तानी सेना को मिला। नया अवाक्स आने से इसकी संख्या 9 तक पहुंच सकती है। एरीआई अवाक्स को तीन ऑर्डरों में खरीदा गया है। पाकिस्तानी एयरफोर्स ने 2006 में चार अवाक्स खरीदे थे। साल 2012 में मिहास एयरबेस पर एक आतंकी हमले में पाकिस्तानी एयरफोर्स ने चार में से तीन विमान खो दिए। एक बर्बाद हो गया वहीं दो क्षतिग्रस्त हो गए, जिन्हें बाद में सही कर लिया गया।
भारत के खिलाफ हो चुका है इस्तेमाल
पाकिस्तान पर भारत ने फरवरी 2019 में एयर स्ट्राइक की थी। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से भी हमला किया गया था। यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नौशेरा में ब्रिगेड मुख्यालय और अन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए साब एरीआई विमान का इस्तेमाल किया गया था। संयोग से भारत इस स्वीडिश विमान की बिक्री पर राजनयिक विरोध दर्ज करा चुका था। स्वीडिश कंपनी साब ने 2020 में कहा था कि उसे एक अनाम खरीदार से 160.5 मिलियन डॉलर के अवाक्स की डील मिली है। डिलीवरी 2020-23 के बीच होगी। अब माना जा रहा है कि यह अनाम खरीदार पाकिस्तानी एयरफोर्स रही है।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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