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पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट ने माना अग्नि-5 परमाणु मिसाइल का लोहा

सेना

पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट ने माना अग्नि-5 परमाणु मिसाइल का लोहा

सेना/वायुसेना/Delhi/New Delhi :

परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-5 मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद भारत के इस हथियार पर दुनिया भर में चर्चा शुरू हो गई है। सिटी किलर नाम से पुकारी जाने वाली ये मिसाइल एक साथ कई टारगेट को भेद सकती है। पड़ोसी पाकिस्तान में तो डिफेंस एक्सपर्ट इसे भारत की बड़ी ताकत बता रहे हैं।

भारत की अग्नि-5 मिसाइल के सफल परीक्षण ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को भारत की ताकत का लोहा मानने को मजबूर कर दिया है। डप्त्ट तकनीक से लैस भारत की ये मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और 5000 किलोमीटर की दूरी तक एक साथ कई लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। यानी इस मिसाइल की जद में पूरा चीन तो आएगा ही, इसके साथ ही इसकी पहुंच अफ्रीका और यूरोप तक भी होगी। दुनिया में कुछ ही देश हैं, जिनके पास ये तकनीक मौजूद है। यही वजह है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी इस मिसाइल की खूब चर्चा है। पाकिस्तान के रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षमता को हासिल करने के बाद इस इलाके में भारत की ताकत में बड़ा इजाफा होगा।
पाकिस्तान के डिफेंस एक्सपर्ट कमर चीमा ने इस मिसाइल को लेकर इस्लामाबाद स्थित एआईआर यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ स्ट्रेटजिक स्टडीज के प्रमुख डॉक्टर आदिल सुल्तान से बात की। डॉ. सुल्तान ने कहा कि ये तकनीक अभी सिर्फ कुछ ही देशों के पास है। ऐसे में इस तकनीक के आने से निश्चित रूप से भारत की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है। इस मिसाइल के साथ भारत को पाकिस्तान पर बढ़त हासिल होगी। उन्होंने कहा, इसे ऐसे समझा जा सकता है कि भारत और पाकिस्तान की सीमाएं एक दूसरे से मिलती हैं। ऐसे में भारत की इस बैलिस्टिक मिसाइल के खिलाफ पाकिस्तान को बहुत ही कम रिस्पॉन्स टाइम मिलेगा।
पाकिस्तान नहीं, चीन है भारत की प्राथमिकता
पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ ने ये माना कि अब भारत के लिए पाकिस्तान प्रमुख खतरा नहीं रहा है। अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण इसी बात की ओर इशारा करता है। इसकी वजह बताते हुए डॉ. कमर चीमा कहते हैं कि अगर भारत के लिए पाकिस्तान प्राथमिकता होता तो वह अग्नि-2, 3 या अग्नि-4 को ही विकसित करता है। लेकिन अग्नि-5 का परीक्षण ये साफ बताता है कि इसे चीन को खासतौर पर ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। वहीं, डॉ. सुल्तान ने कहा कि भले ही भारत में चुनाव के पहले इस मिसाइल का परीक्षण किया गया है, लेकिन ये मानना पड़ेगा कि इस तकनीक ने भारत की सैन्य शक्ति को बढ़ाया है।
चीन ने भी मानी थी अग्नि-5 की ताकत
भारत की एमआईआरवी तकनीक से लैस मिसाइल के परीक्षण के बाद चीन के भी सुर में बदलाव देखा गया है। चीन के सरकारी मीडिया में लिखा गया कि हमें ये बात माननी होगी कि भारत अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत कर रहा है। चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की मिसाइल टेक्नोलॉजी अब परिपक्व हो गई है। भारत एक साथ कई हथियारों को लॉन्च करने की क्षमता पा चुका है। ये कुछ ऐसा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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