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'10th के पाठ्यक्रम से हटाई गयी है Periodic Table,शिक्षा पाठ्यक्रम से नहीं' NCERT ने दिया बयान

NCERT द्वारा आवर्त सारणी(Periodic Table)हटाने के फैसले पर बवाल मचा

एजुकेशन, जॉब्स और करियर

'10th के पाठ्यक्रम से हटाई गयी है Periodic Table,शिक्षा पाठ्यक्रम से नहीं' NCERT ने दिया बयान

एजुकेशन, जॉब्स और करियर//Delhi/ :

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद (NCERT) के 10वीं कक्षा के  रसायन विज्ञान से पीरियोडिक टेबल (Periodic Table) हटाने के फैसले पर बवाल मचा हुआ है। NCERT की पुस्तकों से पीरियाडिक टेबल का चैप्टर ही हटा दिया है। शिक्षा जगत में मचे इस कोहराम को देखते हुए अब NCERT के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट द्वारा  एक बयान जारी किया गया  है।

 NCERT की तरफ से अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके कहा गया है,  "आवर्त सारणी(Periodic Table) को स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम से नहीं हटाया गया है, लेकिन वास्तव में, कक्षा 11 वीं की पाठ्यपुस्तक की यूनिट 3- "क्लासिफिकेशन ऑफ एलीमेंट्स एंड पीरियोडिसिटी इन प्रोपर्टीज" (पेज 74-99) में बहुत विस्तार से उपलब्ध है।" 

 

इसलिए हटाये गए कुछ पाठ

NCERT ने इन चैप्टर को हटाने को जरूरी बताते हुए कहा इससे छात्रों पर बोझ नहीं पड़ेगा। परिषद ने कहा कि डिफकल्टी लेवल, एक ही चीज अलग-अलग चैप्टर में होना और मौजूदा परिस्थिति में अप्रासंगिक विषय वस्तु के कारण भी यह फैसला किया गया है।

डार्विन की थ्योरी हटने पर भी मचा था बवाल

गौरतलब है कि इसी साल परिषद ने विज्ञान की कक्षा 10 से किताब से थियरी ऑफ इवोल्यूशन हटाने पर भी काफी बवाल भी मचा था। NCERT की जारी नई किताबों से कुछ चैप्टर को हटाने की जानकारी मिली। इसमें पीरियोडिक टेबल ,इन्वॉयरमेंटल सस्टेनबलिटी और सोर्स ऑफ एनर्जी वाला चैप्टर भी है। इसके अलावा डेमोक्रेसी पर शामिल चैप्टर को भी कक्षा 10 की पुस्तकों से हटा दिया गया है।

डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स से इन चैप्टर्स को हटाया गया

इसके अलावा NCERT की तरफ से डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स से भी कुछ चैप्टर्स हटाए गए थे। इनमें चैप्टर 5: पॉपुलर स्ट्रगल्स एंड मूवमेंट(Popular Struggles and Movements), चैप्टर 6: पॉलिटिकल पार्टीज(Political Parties), चैप्टर 8: चैलेंजेज टु डेमोक्रेसी(Challenges to Democracy) शामिल हैं। 

क्या कहा केंद्रीय शिक्षामंत्री सुभाष सरकार ने 

केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री सुभाष सरकार ने कहा कि कोविड के कारण कोर्स को तार्किक बनाया जा रहा है और बच्चों पर से बोझ को कम किया जा रहा है। अगर बच्चे डार्विन का सिद्धांत पढ़ना चाहते हैं तो वो वेबसाइट पर जाकर इसे पढ़ सकते हैं। कक्षा 12 में पहले से ही डार्विन का सिद्धांत किताब में है। इसलिए ऐसे झूठे प्रोपेगैंडा नहीं फैलाया जाना चाहिए।

हालांकि विद्यार्थी इन चैप्टर को आगे पढ़ना चाहते हैं ,पढ़ सकते हैं;इसके लिए उन्हें कक्षा 11 और कक्षा 12 में इस विषयों को चुनना होगा। बता दें कि इस साल NCERT जब विज्ञान की किताब से थियरी ऑफ इवोल्यूशन को हटाने के लेकर लोगों के निशाने पर आया था तब विरोधस्वरूप करीब 1800 वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने इस मुद्दे पर खुला पत्र लिखा था।

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सौम्या बी श्रीवास्तव

By News Thikhana

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