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राफेल जेट, पनडुब्बी... भारत के साथ से फ्रांस गाड़ रहा झंडे, रूस को झटके पर झटका

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राफेल जेट, पनडुब्बी... भारत के साथ से फ्रांस गाड़ रहा झंडे, रूस को झटके पर झटका

राजनीति//Delhi/New Delhi :

भारत और फ्रांस की दोस्ती का असर अब रूस पर पड़ा है। फ्रांस ने हथियार निर्यात के मामले में रूस को पीछे छोड़ दिया है। इसमें भारत के राफेल फाइटर जेट, स्कॉर्पिन पनडुब्बी जैसे सौदों की बड़ी भूमिका है। फ्रांस की हथियार बाजार में हिस्सेदारी बढ़कर 11 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

फ्रांस ने हथियारों के बाजार में कमाल कर दिया है और रूस को पछाड़कर सबसे ज्यादा हथियार निर्यात करने वाले देशों की सूची में अब दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। साल 2019 से लेकर 2023 तक की इस सूची में जहां अमेरिका पहले नंबर पर बना हुआ है, वहीं रूस के हथियार निर्यात में भारी कमी आई है। स्टॉकहोम की संस्था सिप्री की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। 
फ्रांस की रैंकिंग में आई इस तेजी में भारत की बड़ी भूमिका रही। भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश रहा। भारत ने फ्रांस से अरबों डॉलर के राफेल फाइटर जेट से लेकर किलर मिसाइलें तक खरीदीं। भारत के अलावा कतर और मिस्र ने भी बड़े पैमाने पर फ्रांस से राफेल फाइटर जेट खरीदे हैं। फ्रांस की दुनिया के हथियार बाजार में हिस्सेदारी 11 प्रतिशत तक पहुंच गई है जो पहले 7.2 प्रतिशत थी।
इन हथियार डील की मदद से फ्रांस के हथियार निर्यात में 34 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत की तेजी आ गई। दरअसल, यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने भारत पर दबाव डालना शुरू किया कि वह रूस से अपने हथियार आयात में कमी लाए। इसके अलावा यूक्रेन में फंसा रूस भारत को समय पर हथियारों की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति लटकी हुई है। इसके अलावा अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत रूस को पैसे का भुगतान नहीं कर पा रहा है। इन सबने भारत को अपने हथियार आयात में विवधिता लाने के लिए मजबूर किया।
भारत ने 40 साल बाद रूस से सबसे कम हथियार खरीदे
भारत के इस कदम का फायदा फ्रांस को हुआ और उसने रूस को हथियार निर्यात के मामले में पीछे छोड़ दिया। सिप्री के शोधकर्ता पीटर वेजेमैन ने कहा, ‘कुछ साल पहले भारत, मिस्र और इंडोनेशिया सभी ने फ्रांसीसी लड़ाकू विमान पर दांव लगाया जो रूस के विमानों का विकल्प बना।’ उन्होंने कहा कि फ्रांस का निर्यात तकनीकी रूप से आकर्षक था और बहुत तेजी से उसकी आपूर्ति भी हुई। भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयात करने वाला देश है, जो जिसने पिछले 5 सालों में अपने कुल हथियार आयात का 33 फीसदी फ्रांस से लिया और 36 फीसदी हथियार रूस से लिया।
रूस के डर से यूरोपीय देश खरीद रहे हथियार 
करीब 40 सालों बाद ऐसा हुआ है जब भारत को रूस के हथियारों का निर्यात 50 फीसदी से कम हुआ है। भारत ने फ्रांस से 36 राफेल फाइटर जेट खरीदे हैं। इसके अलावा भारत ने 3 स्कॉर्पिन पनडुब्बी और खरीदने का सौदा किया है। वहीं अगर रूस की बात करें तो रूस का हथियार निर्यात 21 प्रतिशत से गिरकर करीब 11 प्रतशित तक पहुंच गया है। सिप्री ने कहा कि रूस के हथियार निर्यात में गिरावट यूक्रेन युद्ध के पहले ही शुरू हो गई थी। रूस पर जब प्रतिबंध लगे तो उससे फ्रांस को बड़ा फायदा हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में जहां हथियारों की बिक्री गिरी है, वहीं यूरोप के देशों ने जमकर हथियार खरीदे हैं। माना जा रहा है कि रूस के हमले के डर से यूरोपीय देश ये हथियार खरीद रहे हैं।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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