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तालाब की खुदाई में मिला कुछ खास... 6 दिन से डेरा डाले हैं 3 विभाग के अफसर

अजब-गजब

तालाब की खुदाई में मिला कुछ खास... 6 दिन से डेरा डाले हैं 3 विभाग के अफसर

अजब-गजब//Bihar/Patna :

बिहार के जमुई जिले के सिकंदरा इलाके के सिझौड़ी गांव में तालाब में जेसीबी से मिट्टी खुदाई का काम शुरू हुआ था। इसी खुदाई के दौरान अजीब-सी आवाज आई। जब मजदूरों ने मिट्टी हटाई तो सामने का मंजर देखकर होश उड़ गए। फिर क्या था, पूरा गांव तालाब की ओर दौड़ पड़ा। अब पिछले छह दिन से तीन विभाग के असफर डेरा डाले हुए हैं और गांव के लोगों को समझाने में जुटे हैं। वहीं गांववाले भी टस से मस नहीं हो रहे हैं।

बिहार के जमुई जिले जिले के सिकंदरा इलाके के सिझौड़ी गांव के जिस तालाब में बीते दिनों मिट्टी खुदाई के दौरान भगवान सूर्य की दुर्लभ प्रतिमा मिली थी। अब वहां मंदिर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने बैठककर यह निर्णय ले लिया है कि उसी तालाब में भव्य सूर्य मंदिर बनाया जाएगा। खुदाई में जो प्रतिमा मिली है, उसे वहीं स्थापित किया जाएगा। 
फिलहाल ग्रामीणों ने खुदाई के दौरान मिली भगवान सूर्य की प्रतिमा को गांव के ठाकुरबाड़ी मंदिर में रखा है। वहीं तालाब के जिस हिस्से से प्रतिमा मिली है। इधर, जिला प्रशासन ने बांस-बल्लियों से उसी स्थान की बैरिकेडिंग कर दी है। प्रशासन पुरातात्विक इतिहास जानने की कोशिश में जुट गया है। प्रशासनिक अमला भी पिछले 6 दिन से गांव में डेरा डाले हुए है।
दरअसल, जब लगभग सात दिन पहले तालाब में खुदाई में मूर्ति मिलने की खबर प्रशासन को मिली थी तो सिकंदरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार और अंचलाधिकारी कृष्ण कुमार सौरभ आनन-फानन में गांव पहुंचे थे और प्रतिमा का अवलोकन भी किया। इतना ही नहीं, पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी गांव पहुंचे थे। अधिकारी मूर्ति को अपने साथ ले जाकर म्यूजियम में रखना चाहते थे लेकिन गांववाले तैयार नहीं हुए। ग्रामीणों का कहना था प्रतिमा यहीं रहेगी और भगवान सूर्य का मंदिर तालाब में बनवाया जाएगा और प्रतिमा उसमें स्थापित की जाएगी। अधिकारियों ने बहुत मनाया लेकिन ग्रामीण टस से मस नहीं हुए।
डीएम राकेश कुमार के निर्देश पर फिर से एसडीओ अभय कुमार तिवारी मौके पर पहुंचे। तालाब का जायजा लेने के बाद जहां से प्रतिमा मिली है, उस जगह को जिला प्रशासन के द्वारा घेरकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उस जगह का पुरातात्विक महत्व को लेकर एक रिपोर्ट जिला प्रशासन तैयार कर रहा है जिसे सरकार के संबधित विभाग को भेजा जएगा, जिससे वहां के इतिहास को जानने का काम आगे बढ़े।
बताया जा रहा है कि तालाब के जिस हिस्से में प्रतिमा मिली वहां प्राचीन काल के ईंट के अवशेष हैं। बड़े से तालाब के बीच एक लकड़ी का स्तंभ भी मौजूद है। ग्रामीणों के अनुसार बीते कई दशकों से वह स्तम्भ उसी स्थिति में है, मतलब न गला और न ही सड़ा। यहां तक कि उसे निकालने की कोशिश की गई तब जेसीबी के पंजे को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद लोग उस लकड़ी के स्तम्भ को उसी हालात में छोड़ दिया।
6 फरवरी को गांव के तालाब से मिट्टी कटाई के दौरान तालाब से भगवान सूर्य की प्रतिमा मिली थी जो आठवीं शताब्दी की बताई जा रही है। इधर गांववाले सूर्य मंदिर निर्माण को लेकर लगातार बैठककर रहे हैं, जिसके लिए एक मंदिर निर्माण कमेटी भी बनाई जा रही है। सिकंदरा प्रखंड के सिझौड़ी पंचायत के प्रत्येक के प्रत्येक गांव से पांच-पांच सदस्य को सूर्य मंदिर निर्माण को लेकर बनाए गई कमेटी में रखा गया है। 
मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष सतीश कुमार धानुक ने बताया कि फरवरी माह के 21 या 22 फरवरी को भूमिपूजन का दिन तय किया गया है। हालांकि बताया जा रहा है कि इस महीने 16 फरवरी को अचला सप्तमी का व्रत है, इस दिन से ही गांव के तालाब पर भगवान सूर्य का भजन कीर्तन का काम शुरू हो जाएगा। वहीं, गांव के जिस ठाकुरबाड़ी मंदिर में जहां भगवान सूर्य की प्रतिमा को रखा गया है वहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

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author

Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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