UP: लखनऊ मे एंटी भू माफिया सेल का गठन, अवैध तरीके से जमीन कब्जाने वालों पर होगा एक्शन VHP ने UP पुलिस से की देवबंद के खिलाफ एक्शन की मांग, गजवा-ए-हिंद के समर्थन का आरोप जमीन हड़पने के मामले में ED ने TMC नेता शाहजहां शेख के खिलाफ दर्ज किया एक और मामला महाराष्ट्र के पूर्व सीएम मनोहर जोशी का हार्ट अटैक से निधन किसानों को करनी होगी सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई: हरियाणा पुलिस MP: अनूपपुर में जंगली हाथी के हमले में एक शख्स की मौत, 2 लोग घायल
7 दिन से जारी है मोना को बचाने की जंग, सबसे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत पर दिक्कत

दुर्घटना

7 दिन से जारी है मोना को बचाने की जंग, सबसे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत पर दिक्कत

दुर्घटना//Rajasthan/Jaipur :

राजस्थान के गंगापुरसिटी में बोरवेल में फंसी महिला का रेस्क्यू जारी है। रेस्क्यू टीम पिछले छह दिनों से लगातार विभिन्न बाधाओं का सामना करते हुए महिला को बचाने के प्रयास में जुटी है। महिला को बचाने का यह रेस्क्यू ऑपरेशन अभी तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन बताया जा रहा है।

जिले के बामनवास क्षेत्र के रामनगर ढोसी गांव में खेत में बने एक कच्चे बोरवेल में गिरी महिला को आज 6 दिन हो गए। लेकिन प्रशासन अभी तक उसे बाहर निकाले में नाकाम दिखाई दे रहा है । जबकि विगत पांच दिनों से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम द्वारा महिला को बोरवेल से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है । लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन में बार बार आ रही बाधाओं के चलते अभी तक महिला को बोरवेल से निकालने में सफलता नहीं मिल पाई। हालांकि बताया जा रहा है कि अब रेस्क्यू ऑपरेशन अंतिम चरण में है और जल्द ही महिला को बाहर निकालने की उम्मीद है ।
ऐसे पता चला कि महिला बोरवेल में गिर गई है
दरअसल, मंगलवार रात 8 बजे के आसपास 25 वर्षिया महिला मोना बैरवा खेत पर बने कच्चे बोरवेल में गिर गई थी। महिला के देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने रात भर महिला की तलाश की ,लेकिन महिला का कोई पता नही चला। बुधवार सुबह करीब 11 बजे कच्चे बोरवेल के पास महिला की चप्पल दिखाई दी , तो परिजनों को महिला के बोरवेल में गिरने का अंदेशा हुआ। 
परिजनों ने प्रशासन को सूचना दी। सूचना पर प्रशासन मौके पर पहुंचा ओर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को भी सूचित किया और मेडिकल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। बोरवेल 90 से 100 फीट गहरा बताया जा रहा है। एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम लगातार महिला को बाहर निकालने के प्रयास में जुटी हुई है।
महिला ने रस्सी पकड़ने की कोशिश की लेकिन
बुधवार को पूरी रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की टीम महिला को ऊपर से ही निकलने के प्रयास में जुटी रही, लेकिन आखिरकार सफलता नहीं मिली। गुरुवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की टीम के द्वारा बोरवेल के ऊपर से ही रेस्क्यू ऑपरेशन करते हुए महिला का एक रस्से से हाथ पकड़ लिया गया। लेकिन दूसरा हाथ पकड़ में नहीं आया। हुक डालकर भी महिला को बोरबेल से निकालने का प्रयास किया गया । लेकिन हुक में महिला के कपड़े ही बाहर आ पाए। तमाम कोशिशों के बावजूद रेस्क्यू टीम को सफलता नहीं मिली ।
प्लान बी भी नहीं आया काम
ऐसे में रेस्क्यू टीम ने प्लान बी के तहत गुरुवार को दोपहर बाद बोरवेल के पास खुदाई कर महिला को बोरवेल से निकालने के लिए काम शुरू किया। जेसीबी और एलएनटी मशीन के माध्यम से खुदाई शुरू की गई। लेकिन जैसे ही खुदाई 15 फिट पहुंची, वैसे ही खुदाई में नमी के कारण मिट्टी गिरना शुरू हो गया । खुदाई के दौरान बार बार मिट्टी गिरने से रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार बाधा उत्त्पन्न होने के कारण प्रशासन ने परेशान होकर रात को खुदाई कार्य बंद कर दिया। जयपुर से पायलर मशीन मंगाने के लिए सम्पर्क किया ।
फिर लगाई गई ये तरकीब
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे एक ट्रेलर पायलर मशीन लेकर पहुंचा, लेकिन घटना स्थल से पहले ही ट्रेलर एक खेत मे धंस गया ,ट्रेलर के खेत मे धसने से भारी भरकम पायलर मशीन को मौके पर पहुंचने में खासी दिक्कतें आई। प्रशासन और टेक्निकल टीम ने पायलर मशीन लेकर आये ट्रेलर को जेसीबी की सहायता से निकाला। बामुश्किल मशीन को घटना स्थल पर पहुंचाया , पायलर मशीन के घटना स्थल पर पहुंचने के बाद शुक्रवार शाम करीब 4 बजे से फिर से खुदाई शुरू की गई और लेकिन रात को बार-बार तकनीकी व्यवधान आने व लाइट जाने के कारण गड्ढा खोदने में खासी परेशानी हुई। एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने बार बार आ रही बाधाओं के बीच शनिवार शाम तक जैसे तैसे बोरवेल के नजदीक पायलर मशीन से करीब 100 फिट गहरा गड्ढा खोदा और गड्ढे में पाईप डालने का काम पूरा किया ।
जवान सुरंग बनाने में जुटे हैं
पायलर मशीन से गड्ढे खोदने और पाइप डालने के बाद रेस्क्यू टीम ने शनिवार शाम को एनडीआरएफ के जवान को ऑक्सीजन सिलेंडर ओर मास्क लगाकर गड्ढे में उतारा और गड्ढे से बोरबेल तक चार फीट लंबी और ढाई फिट चैड़ी सुरंग बनाने का काम शुरू किया गया । लेकिन बार बार मिट्टी गिरने और चिकनी मिट्टी होने के कारण रेस्क्यू टीम को सुरंग की खुदाई करने में खासा परेशानी आ रही है ,जिसके चलते बार बार एनडीआरएफ के जवान को गड्ढे से बाहर निकालना पड़ रहा है और फिर से एक के बाद एक दूसरे जवान को गड्ढे में भेजकर सुरंग बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बार बार आ रहे व्यवधानों के बीच अब सुरंग बनाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
महिला की मौत को लेकर अभी पुष्टि नहीं
उम्मीद है कि जल्द ही महिला का रेस्क्यू कर लिया जायेगा। महिला के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है ,परिजनों और प्रशासन को अब इस बात की उम्मीद नहीं है कि महिला जीवित होगी ,सम्भवतया महिला की मौत हो चुकी है ,जिसके चलते बोरवेल से बदबू भी आने लगी है ,लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा महिला की मौत की पुष्टि नहीं की गई है । महिला को निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है । प्रशासन कोशिश कर रहा है कि महिला को जल्द से जल्द निकाला जाए।

You can share this post!

author

Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

Comments

Leave Comments