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घोड़ी,ढोल,नगाड़े लेकर चली दूल्हों की बारात पर बिन दुल्हन के.. ! युवाओं ने स्त्री-पुरुष अनुपात पर आंदोलन कर खींचा सबका ध्यान,देखें तस्वीरें

अजब-गजब

घोड़ी,ढोल,नगाड़े लेकर चली दूल्हों की बारात पर बिन दुल्हन के.. ! युवाओं ने स्त्री-पुरुष अनुपात पर आंदोलन कर खींचा सबका ध्यान,देखें तस्वीरें

अजब-गजब//Maharashtra/Mumbai :

सोलापुर जिले के युवकों ने एक ऐसी समस्या पे ध्यान दिलाया जिसे सुन कर तो आपको हंसी आ जाएगी लेकिन आंकड़े देखे जाएं तो ज़रूर आपको इसकी बढ़ रही समस्या का अनुमान होगा।  शादी न होने से परेशान युवकों ने अनोखा आंदोलन किया।

 

महाराष्ट्र  के सोलापुर के युवाओं ने दूल्हा बनकर घोड़ी चढ़कर गाजे-बाजे के साथ मार्च निकाला। उनका कहना है कि शादी के लिए लड़की की तलाश है लेकिन राज्य में दिनोंदिन लड़कियों की संख्या कम हो रही है। इसी वजह से उनकी शादी नहीं हो पा रही है। उन्होंने सरकार से लड़की ढूंढने की मांग की।

लड़की-लड़का का अनुपात बिगड़ गया है, कहा कलेक्टर से 
आंदोलन करते हुए युवा कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को एक लेटर दिया। इसमें उन्होंने अविवाहित लोगों के लिए दुल्हन ढूंढ़ने की भी मांग की है। आंदोलनकारियों ने कहा कि हमें शादी करने के लिए लड़की नहीं मिल रही है इसीलिए सरकार और प्रशासन लड़की ढूंढने में हमारी मदद करे।
युवाओं ने लेटर में स्त्री-पुरुष के विषम अनुपात का मुद्दा भी उठाया। महाराष्ट्र में पुरुष-महिला अनुपात में सुधार के लिए प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स एक्ट (PCPNDT एक्ट) को सख्ती से लागू करने की मांग की।

लोग उड़ा रहे मज़ाक पर परिस्थितिया वाकई विषमः प्रदर्शनकारी
इस मार्च का आयोजन ज्योति क्रांति परिषद ने किया है। संस्था के संस्थापक रमेश बारस्कर ने कहा कि कई लोग इस मार्च का मजाक उड़ा रहे हैं, लेकिन सच यह है कि कई योग्य लड़कों को सिर्फ इसलिए दुल्हनें नहीं मिल पा रही हैं, क्योंकि महाराष्ट्र में पुरुष और महिलाओं का अनुपात विषम है।

भ्रूण हत्या के कारण बिगड़ा अनुपात 
महाराष्ट्र का लिंगानुपात प्रति 1,000 लड़कों पर 889 लड़कियों का है। यह असमानता कन्या भ्रूण हत्या के कारण मौजूद है। बारस्कर ने दावा किया कि लड़के-लड़कियों में इतने भारी अंतर के लिए आयी इन स्थितियों के लिए सरकार जिम्मेदार है क्योंकि वह कन्या भ्रूण हत्या रोकने में निष्फल  है। 

 

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सौम्या बी श्रीवास्तव

By News Thikhana

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