आज है विक्रम संवत् 2081 के आषाढ़ माह के शुक्लपक्ष की द्वादशी तिथि रात 08:43 बजे तक तदुपरांत त्रयोदशी तिथि प्रारंभ यानी गुरुवार, 18 जुलाई 2024
दूसरा भिंडरावाले पैदा नहीं होने देंगे..! अमित शाह के सिग्नल पर पंजाब पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल पर हो रही है अमृतपाल सिंह के विरुद्ध कार्रवाई

क्राइम

दूसरा भिंडरावाले पैदा नहीं होने देंगे..! अमित शाह के सिग्नल पर पंजाब पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन 

क्राइम //Punjab/Amritsar :

बातें और उपदेश, उसमें छुपा देश तोड़ने का संदेश... अमृतपाल सिंह यही कर रहा है। यह देश की सुरक्षा और एकता एवं अखंडता के लिए ठीक नहीं। यही वजह है कि पिछले 24 घंटों में पंजाब में ताबड़तोड़ एक्शन देखने को मिल रहा है।   

वही अंदाज, वैसी ही वेशभूषा, हूबहू वही सोच...अमृतपाल सिंह को देखकर लोगों को 30 साल का वो शख्स याद आने लगा था, जिसने 40 साल पहले पंजाब को आतंक का गढ़ बना दिया था। नाम था जरनैल सिंह भिंडरावाले। आजादी के साल जन्मा जरनैल जब सिख धर्म की शिक्षा देने वाली संस्था दमदमी टकसाल का अध्यक्ष बना तो उसके नाम के आगे जुड़ गया भिंडरावाले। कुछ ही महीनों में पंजाब में अजीब-सा माहौल पैदा हो गया। 
अमृतपाल ने शाह को दे डाली धमकी
जब से देश के लोगों ने पंजाब के एक थाने के बाहर हजारों की संख्या में तलवार और बंदूकें लिए भीड़ देखी है, एक अलग तरह की आशंका जन्म लेने लगी। क्या पंजाब को फिर से आतंकवाद और अलगाववाद की तरफ धकेला जा रहा है? खुलेआम खालिस्तान की बात करने वाले अमृतपाल सिंह पर सरकार एक्शन क्यों नहीं लेती? क्या अमृतपाल सिंह के रूप में पंजाब में नए भिंडरावाले का जन्म हो गया है? इस तरह के कई सवाल पिछले कुछ हफ्तों से लोगों के जेहन में थे। पंजाब से लेकर दिल्ली तक हलचल थी।
केंद्रीय एजेंसियों ने बनाया दबाव
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां मानकर चल रही थीं कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के लिए पंजाब पुलिस के पास पर्याप्त वजह है। केंद्र से पंजाब पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा जाने लगा। इधर, गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पहुंचे। बताते हैं कि कट्टरपंथी सिख नेता के तौर पर अमृतपाल की बढ़ती लोकप्रियता पर शाह ने चिंता जताई और यह भी कहा कि पंजाब पुलिस ने अजनाला घटना को ठीक तरह से हैंडल नहीं किया।
बेअंत जैसे अंत की धमकी
शाह ने मान को साफ कह दिया कि आप राज्य में अलगाववादी तत्वों के खिलाफ सख्त एक्शन लीजिए। इससे एक दिन पहले ही शाह ने पंजाब के गवर्नर से इसी मुद्दे पर चर्चा की थी। अमृतपाल सिंह न केवल अलगाववाद को हवा दे रहा था बल्कि संविधान का भी अनादर कर रहा था। उसने शाह को धमकी देते हुए कह दिया था कि इंदिरा गांधी जैसा हश्र होगा और मान के लिए पूर्व पंजाब सीएम बेअंत सिंह का उदाहरण दे रहा था। बताया जा रहा है कि उसके संगठन वारिस पंजाब दे को पाकिस्तान से फंडिंग हो रही है।
अमृतपाल गिरफ्तार या नहीं? 
पंजाब पुलिस ने शनिवार को कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन से जुड़े 78 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और अमृतपाल सिंह फरार है। हालांकि चर्चा यह भी है कि स्वयंभू सिख उपदेशक अमृतपाल को नकोदर के पास हिरासत में ले लिया गया है लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पंजाब में रविवार दोपहर 12 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं। जालंधर जिले के मेहातपुर गांव में अमृतपाल के काफिले को पुलिस ने रोका था।
गुरू ग्रंथ साहिब को बनाया ढाल
पंजाब पुलिस ने लोगों से बिल्कुल भी न घबराने और फर्जी खबरें, नफरत भरे भाषण नहीं फैलाने का अनुरोध किया है। पिछले महीने अमृतपाल और उसके समर्थक तलवारें और पिस्तौल लहराते हुए अमृतसर के अजनाला थाने में घुस गए थे। वहां से जो तस्वीरें और वीडियो पूरी दुनिया ने देखे, वो हैरान करने वाले थे। अमृतपाल के एक करीबी को छुड़ाने के लिए भीड़ की पुलिस से झड़प हो गई थी। एक पुलिस अधीक्षक समेत छह पुलिसकर्मी घायल भी हो गए थे। बाद में पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि उन्होंने एक्शन नहीं लिया क्योंकि वे ढाल के रूप में श्री गुरु ग्रंथ साहिब लेकर आए थे।
 

You can share this post!

author

Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

Comments

Leave Comments