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12,512 परमाणु बमों के ढेर पर दुनिया...! चीन ने डबल किए हथियार

सेना

12,512 परमाणु बमों के ढेर पर दुनिया...! चीन ने डबल किए हथियार

सेना//Delhi/New Delhi :

चीन ने परमाणु हथियारों के मामले में बड़ी छलांग लगाई है। सिप्री की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने एक साल में 60 नए परमाणु बम बनाए हैं। यह भारत और पश्चिमी देशों के लिए बड़ा खतरा है। वहीं, राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के दौर में चल रहा पाकिस्तान भी लगातार परमाणु बम बना रहा है।

यूक्रेन युद्ध, ताइवान संकट और लद्दाख में चीन की दादागिरी के बीच मानवता अब इतिहास में अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। दुनिया में परमाणु हथियारों का जखीरा अब अपने सर्वोच्च स्तर तक पहुंच गया है। वहीं, खराब होते अंतरराष्ट्रीय संबंधों से परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्टॉकहोम इंटरनैशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानि सिप्री ने बड़ा खुलासा करते हुए अपनी रिपोर्ट में बताया कि दुनिया में इस समय 12,512 एटम बम हैं और पिछले साल की तुलना में इनमें 86 की बढ़ोत्तरी हुई है। इनमें से 60 एटम बम तो केवल चीन ने बढ़ाए हैं, जो अमेरिका को भी परमाणु बम के मामले में टक्कर देने का इरादा रखता है।
चीन दिन-रात बढ़ा रहा परमाणु जखीरा 
पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर आशंका तो पहले से ही जताई जा रही है। सिप्री ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चीन ने मात्र एक साल में 60 परमाणु बम बढ़ाए हैं, जिससे उसके कुल परमाणु हथियारों की संख्या 350 से बढ़कर 410 तक पहुंच गई है। ताइवान के साथ तनाव के बीच चीन अपने एटमी हथियारों की संख्या को साल 2035 तक बढ़ाकर 900 तक पहुंचाना चाहता है। चीन की वर्तमान योजना साल 2027 तक परमाणु हथियारों की संख्या को बढ़ाकर 550 तक करने की है। सिप्री के परमाणु वैज्ञानिक हांस एम. क्रिस्टेंशन कहते हैं, ‘चीन ने अपने परमाणु हथियारों का व्यापक विस्तार शुरू किया है।’
दुनिया में 30 साल बाद बढ़े परमाणु हथियार
चीन दावा करता है कि वह केवल न्यूनतम परमाणु प्रतिरोधक क्षमता हासिल करना चाहता है ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखा जाए लेकिन ताजा ट्रेंड उससे मेल नहीं खाते हैं। सिप्री ने कहा कि पिछले 30 साल से यह ट्रेंड चला आ रहा था कि परमाणु हथियारों की संख्या कम हो रही थी लेकिन इस साल यह प्रक्रिया खत्म हो गई है और ट्रेंड अब पलट गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद परमाणु युद्ध की कई बार धमकियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मानवता इस समय ऐसे मोड़ पर है जब एक गलत कदम से परमाणु युद्ध शुरू हो सकता है और धरती से पूरी नस्ल को नष्ट कर सकता है। इस वजह से यह जरूरी है कि वैश्विक परमाणु हथियारों के जखीरे को नियंत्रित किया जाए। 
9,756 परमाणु बम बिल्कुल तैयार हालत में
रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में 9,756 ऐसे परमाणु बम हैं, जो बिल्कुल तैयार हालत में हैं और किसी भी समय इस्तेमाल किए जा सकते हैं। सिप्री ने कहा कि दुनियाभर में तैनात किए गए परमाणु हथियारों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। यह पहले के 3,732 से एक साल में बढ़कर 3,844 तक पहुंच गया है। दुनिया में रूस और अमेरिका के पास 90 फीसदी परमाणु हथियार हैं। रूस के पास जहां 4,489 वारहेड हैं, वहीं अमेरिका उसके बाद दूसरे नंबर पर है और उसके पास 3,708 वारहेड हैं।
किस देश के पास कितने परमाणु बम
इसके बाद चीन का नंबर आता है। चीन के पास 410, फ्रांस के पास 290, पाकिस्तान के पास 170, भारत 164, इजरायल 90, उत्तर कोरिया के पास 30 परमाणु बम का अनुमान है। चीन ने भारत और दक्षिण चीन सागर में खतरों से निपटने के लिए डीएफ-26 मिसाइल से लेकर परमाणु पनडुब्बियों तक की तैनाती की है। वहीं, भारत ने भी परमाणु प्रहार की मुकम्मल तैयारी कर ली है। भारत थोड़ा-थोड़ा करके लेकिन लगातार अपनी परमाणु ताकत को बढ़ा रहा है। भारत अब जमीन, हवा और पानी तीनों ही तरीकों से परमाणु हमला करने में सक्षम हो गया है। इस तरह से भारत ने न्यूक्लियर ट्रायड हासिल कर लिया है।
जमीन से लेकर समुद्र तक भारत परमाणु हमले को तैयार
भारत के पास जहां हवा से परमाणु बम गिराने के लिए मिराज फाइटर जेट और जगुआर बमवर्षक विमान हैं, वहीं राफेल भी अब परमाणु बम गिराने की ताकत रखता है। भारत के पास जमीन से हमला करने के लिए पृथ्वी से लेकर अग्नि सीरिज की किलर परमाणु मिसाइलें हैं जो चीन के किसी भी शहर को निशाना बना सकती हैं। हाल ही में भारत ने नई अग्नि पी मिसाइल का सफल टेस्ट किया है। इसके अलावा समुद्र से परमाणु हमला करने के लिए धनुष, के-15 और के-4 मिसाइल है। इन मिसाइलों को परमाणु पनडुब्बी की मदद से दागा जा सकता है।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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