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अनंत अंबानी की प्री-वेडिंग में आ रहा दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान

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अनंत अंबानी की प्री-वेडिंग में आ रहा दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान

आर्थिक//Gujarat/Gandhi Nagar :

भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की प्री-वेडिंग सेरेमनी एक से तीन मार्च तक जामनगर में हो रही है। इसमें देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियां आ रही हैं। लेकिन इनमें एक नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है। वह नाम है लैरी फिंक का। आखिर कौन है यह शख्स...

देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की 12 जुलाई को मुंबई में शादी होगी। उससे पहले प्री-वेडिंग सेरेमनी एक से तीन मार्च तक जामनगर में हो रही है। इसके लिए देश और दुनिया की कई जानी-मानी हस्तियों को न्योता दिया गया है। इनमें दुनिया की सबसे बड़े एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक इंक के सीईओ लैरी फिंक भी शामिल हैं। 
फिंक को दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान माना जाता है। इसकी वजह है कि ब्लैकरॉक दुनिया में 10 ट्रिलियन डॉलर का एसेट मैनेज करती है। यह भारत की जीडीपी का करीब ढाई गुना और अमेरिका की जीडीपी का आधा है। ब्लैकरॉक की हैसियत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि दुनिया के कुल शेयरों और बॉन्ड्स का 10 फीसदी यही कंपनी संभालती है।
ब्लैकरॉक एक तरह से दुनिया का सबसे बड़ा शेडो बैंक है। अगर यह कहा जाए कि पूरी दुनिया अमेरिका की इस मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट कंपनी के कब्जे में है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। दुनिया के हर बड़े सेक्टर की बड़ी कंपनी में इसका हिस्सा है। ब्लैकरॉक इंक का हेडक्वार्टर अमेरिका में है। लेकिन इसका इन्वेस्टमेंट पूरी दुनिया में फैला है। दुनिया की हर बड़ी कंपनी में इसकी हिस्सेदारी है। 
इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि चीन भी इसे अपने यहां आने से नहीं रोक पाया था। ब्लैकरॉक की दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में 5.19 फीसदी और ऐपल में 5.14 फीसदी हिस्सेदारी है। इसी तरह ऐमजॉन, एनवीडिया, गूगल, मेटा और टेस्ला में भी हिस्सेदारी है। भारत की भी कई बड़ी कंपनियों में इसकी हिस्सेदारी है। इससे आप अंदाजा लगा सकता है कि ब्लैकरॉक कितनी पावरफुल कंपनी है।
कैसे हुई शुरुआत

इस कंपनी की स्थापना फिंक ने 1988 में की थी। फिंक कंपनी के सीईओ और चेयरमैन हैं। फिंक ने पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की थी लेकिन पैसा कमाने का ऐसा चस्का लगा कि शेयर मार्केट में घुस गए। उन्होंने 23 साल की उम्र में बोस्टन डायनामिक्स से करियर की शुरुआत की। डेट सिंडिकेशन की शुरुआत करने का श्रेय इन्हीं को दिया जाता है। 31 साल की उम्र में वह बैंक के एमडी बन गए। एक साल में उन्होंने बैंक को एक अरब डॉलर कमाकर दिया। फिंक ने और जोखिम लेना शुरू किया लेकिन एक तिमाही में बैंक को 10 करोड़ डॉलर का घाटा हो गया। इससे बैंक ने उनकी छुट्टी कर दी। साल 1988 में 35 साल की उम्र में फिंक ने खुद की कंपनी खोलने का फैसला किया। तब जाने माने इन्वेस्टर और ब्लैकस्टोन इंक के फाउंडर स्टीव श्वार्जमैन ने उनका हाथ थामा।
दुनियाभर में एसेट को मैनेज करती है
ब्लैकस्टोन ने फिंक के साथ पार्टनरशिप की और 50 लाख डॉलर का इन्वेस्टमेंट किया। फिंक को सबसे पहले जीई ने कुछ एसेट संभालने को दी। फिंक ने इस काम को बखूबी अंजाम दिया। फिर तो उनकी गाड़ी चल निकली। महज पांच साल में कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट 20 अरब डॉलर जा पहुंचा। लेकिन फिंक और स्टीव में धीरे-धीरे मतभेद हो गए। फिंक ने इसके बाद अपनी अलग कंपनी ब्लैकरॉक बना ली। इसके बाद तो फिंक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज ब्लैकरॉक दुनियाभर में कंपनियों और सरकारों के एसेट को मैनेज करती है। इनमें पेंशन फंड भी शामिल है।
चीन भी नहीं रोक पाया
दुनिया में फंड मैनेज करने वाली तीन बड़ी कंपनियां हैं। ये तीनों कंपनियां मिलकर अमेरिका की जीडीपी के 70 फीसदी के बराबर एसेट मैनेज कर रही हैं। ब्लैकरॉक को दुनिया के सबसे प्रभावशाली फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन का अवॉर्ड भी मिल चुका है। इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चीन की सरकार भी इसे अपने यहां आने से नहीं रोक पाई थी। साल 2008 में जब फाइनेंशियल क्राइसिस के कारण बड़ी-बड़ी कंपनियां सकते में थी तो अमेरिका की सरकार ने ब्लैकरॉक का सहारा लिया। हालांकि कहा जाता है कि इस क्राइसिस की जड़ में ब्लैकरॉक ही थी। इसके बाद जब 2020 में कोरोना महामारी के कारण जब बॉन्ड मार्केट बुरी तरह हिल गया था तो एक बार फिर ब्लैकरॉक ने स्थिति संभाली थी।
रिलायंस से कनेक्शन
फिंक पिछले साल अक्टूबर में भारत आए थे। तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अंबानी के साथ मुलाकात की थी। फिंक ने नवी मुंबई में जियो कैंपस और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में रिलायंस के रिटेल हब का दौरा किया। साथ ही उन्होंने रिलायंस की सीनियर लीडरशिप से भी मुलाकात की थी। उससे पहले जुलाई में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और ब्लैकरॉक ने एक जॉइंट वेंचर की घोषणा की थी। कंपनी की योजना डिजिटल फर्स्ट एसेट मैनेजर लॉन्च करने की है। अगस्त में रिलायंस की एजीएम में फिंक ने कहा था कि ब्लैकरॉक भारत में सबसे बड़े निवेशकों में से एक है। ब्लैकरॉक ने 2018 में हेमेंद्र कोठारी की अगुवाई वाले डीएसपी ग्रुप के साथ हाथ मिलाया था। लेकिन फिर इसमें अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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