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टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ स्टील्थ पनडुब्बी बेचने को तैयार यह देश

सेना

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ स्टील्थ पनडुब्बी बेचने को तैयार यह देश

सेना/नौसेना/Delhi/New Delhi :

भारतीय नौसेना प्रोजेक्ट-75आई के तहत लंबे समय से डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की खरीद करना चाहती है। ऐसे में स्पेन ने अपनी सरकारी कंपनी नवंतिया के बनाए एस-80 क्लास स्टील्थ पनडुब्बी का ऑफर दिया है। स्पेन ने कहा है कि वह एआईपी तकनीक से लैस इस पनडुब्बी की पूरी टेक्नोलॉजी भारत को दे सकता है।

भारतीय नौसेना लंबे समय से डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की खरीद की कोशिश कर रही है। इसके लिए भारतीय नौसेना ने कई साल पहले रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल भी जारी किया था। इस बीच स्पेन ने भारतीय नौसेना को एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) तकनीक से लैस एस-80 क्लास स्टील्थ पनडुब्बियों का ऑफर दिया है। 
इन पनडुब्बियों का निर्माण स्पेनिशन कंपनी नवंतिया ने किया है। स्पेन ने कहा है कि वह इन पनडुब्बियों की खरीद करने पर भारत को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने को भी तैयार है। भारतीय नौसेना के इस पनडुब्बी प्रोजेक्ट को प्रोजेक्ट -75 इंडिया या पी-75 आई भी कहा जाता है। इसके तहत कॉन्ट्रैक्ट पाने वाली विदेशी कंपनी को भारत में इन पनडुब्बियों का निर्माण पूर्ण टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ करना होगा।
नवंतिया ने लार्सन एंड टुब्रो के साथ किया समझौता
स्पेनिश कंपनी नवंतिया ने पिछले साल जुलाई में एस-80 क्लास पनडुब्बी के निर्माण के लिए लार्सन एंड टुब्रो के साथ एक टीमिंग समझौते पर हस्ताक्षर किया था। ऐसे में अगर स्पेन की इस कंपनी को पनडुब्बी वाली डील मिलती है तो वह लार्सन एंड टुब्रो के साथ इन पनडुब्बियों का निर्माण कर सकता है। इस समझौते के बाद स्पेन ने अपने शीर्ष रक्षा अधिकारी एम्पारो वाल्कार्से को भारत भेजने की योजना बना रहा है। वह भारत में अपने समकक्षों और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात कर सकती हैं। उनका भारत दौरा 7 और 8 मार्च को प्रस्तावित है।
स्पेनिश रक्षा मंत्री जल्द करेंगे भारत का दौरा
रिपोर्ट के अनुसार, वाल्कार्से की भारत यात्रा के मुख्य एजेंडे में नवीनतम एआईपी तकनीक वाली छह स्टील्थ पनडुब्बियों की बिक्री है। स्पेन ने भारत को यह भी बताया है कि वे इस परियोजना के लिए सबसे उपयुक्त हैं, क्योंकि उसकी कीमत सभी प्रतिद्वंदियों की तुलना में काफी कम है। भारत को पनडुब्बी बेचने में जर्मनी की कंपनी थिसेनक्रुप ग्रुप भी शामिल है। हालांकि, भारत ने अभी किसी भी कंपनी के साथ डील को फाइनल नहीं किया है।
छह पनडुब्बियां खरीदना चाहता है भारत
भारतीय नौसेना 1990 के दशक में शामिल की गई डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के स्थान पर छह नई पनडुब्बियां खरीदना चाहता है। ये पनडुब्बियां एआईपी जैसी अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगी। भारत हिंद महासागर समेत दुनियाभर में अपनी नौसैनिक उपस्थिति को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा चीनी आक्रामकता को रोकने में भी ये पनडुब्बियां काफी कारगर साबित हो सकती हैं। पनडुब्बियां पानी के भीतर रहकर न सिर्फ दुश्मन की हरकतों पर नजर रख सकती हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर हमला भी कर सकती हैं।
चुनाव बाद डील फाइनल होने की उम्मीद
टीमिंग समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले, नवंतिया और एलएंडटी ने नौसेना के लिए अपनी एस-80 क्लास की पनडुब्बियों को डिजाइन करने के लिए मैड्रिड में 11 अप्रैल, 2023 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इस वार्ता से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, “बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। हम संसदीय चुनावों के बाद सौदे पर सकारात्मक प्रगति की उम्मीद करते हैं... यह सिर्फ एक रक्षा सौदा नहीं है बल्कि दोनों देशों के लिए एक रणनीतिक कदम है।श्श् इस महीने की शुरुआत में, स्पेन की उपप्रधान मंत्री टेरेसा रिबेरा भारत की यात्रा पर थीं और भारत सरकार के अधिकारियों के साथ उनकी बैठकों के दौरान पनडुब्बी सौदे पर चर्चा हुई थी। सूत्रों ने कहा कि चूंकि भारत में इस साल के मध्य में आम चुनाव होंगे, इसलिए सौदे को लेकर बातचीत में कुछ देरी होने की संभावना है।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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