विदेशी बंदरगाह पर अमेरिकी युद्धपोत...! माजरा क्या है...

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विदेशी बंदरगाह पर अमेरिकी युद्धपोत...! माजरा क्या है...

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अमेरिका ने अपने युद्धपोत को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में तैनात किया है। यह कदम अमेरिकी संबंधों को मजबूत कर चीन के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए उठाया गया है। चीन ने हाल ही में सोलोमन द्वीप समूह के साथ पुलिस समझौता किया है। इससे ऑस्ट्रेलिया के लिए खतरा बढ़ गया है।

अमेरिका ने पहली बार किसी विदेशी बंदरगाह पर अपने युद्धपोत को एक्टिव ड्यूटी पर तैनात किया है। इस युद्धपोत को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में तैनात किया गया है। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया प्रशांत महासागर में चीन की बढ़ती घुसपैठ को देखते हुए अपने सैन्य संबंधों को मजबूत कर रहे हैं। 
चीन ने सोलोमन के साथ किया समझौता
चीन ने हाल में ही सोलोमन द्वीप समूह के साथ पुलिस समझौता किया है। इस समझौते के तहत चीनी पुलिस सोलोमन में अपना स्थायी अड्डा बना सकती है। इससे पहले सोलोमन और चीन ने सुरक्षा समझौता भी किया था। सोलोमन ऑस्ट्रेलिया के नजदीक स्थित है। इस देश के ऑस्ट्रेलिया के साथ मजबूत संबंध रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में वह चीन का करीबी बन गया है।
यूएसएस कैनबरा के बारे में जानें
यूएसएस कैनबरा एक इंडिपेंडेंस-क्लास लिटोरल क्लास कॉम्बेट शिप है। यह दूसरा ऐसा युद्धपोत है, जिसका नाम कैनबरा रखा गया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के क्रूजर का नाम एचएमएएस कैनबरा था। यह युद्धपोत 1942 में गुआडलकैनाल पर अमेरिकी समुद्री अभियानों का समर्थन करते समय डूब गया था। यूएसएस कैनबरा को सिडनी हार्बर पर ऑस्ट्रेलियाई नौसैनिक अड्डे पर एक समारोह में कमीशन किया गया। इसी के साथ यह युद्धपोत आधिकारिक तौर पर अमेरिकी नौसेना के सक्रिय बेड़े में शामिल हो गया।
ऑस्ट्रेलिया ने क्या कहा
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री मार्ल्स ने एक बयान में कहा कि ऑस्ट्रेलियाई इस बात पर गर्व कर सकते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में डिजाइन किया गया और एचएमएएस कैनबरा के नाम पर रखा गया यह जहाज अमेरिका की नौसेना के इतिहास में पहली बार यहां कमीशन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलियाई जलक्षेत्र में अमेरिकी जहाज की मौजूदगी नियम आधारित व्यवस्था को बनाए रखने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। चीन दक्षिण चीन सागर के अधिकांश क्षेत्रों पर दावा करता है। इसी के खिलाफ अमेरिका नियम आधारित व्यवस्था के तहत मित्र देशों को एकजुट कर रहा है।
युद्धाभ्यास के बीच युद्धपोत की हुई तैनाती
युद्धपोत को शामिल करने का समारोह अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच दो वर्षों में एक बार होने वाले सैन्य अभ्यास के बीच किया गया है। इसे अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की साझा सैन्य ताकत और एकता के प्रदर्शन के तौर पर देखा जाता है। दो हफ्ते तक पूरे आस्ट्रेलिया में विभिन्न स्थानों पर होने वाले अभ्यासों में जमीन और आसमान में नकली हमले के साथ-साथ दुश्मन के इलाके में एम्फीबियस शिप लैंडिंग भी शामिल है। इस अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के अलावा, कनाडा, फिजी, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू गिनी, कोरिया गणराज्य, टोंगा और ब्रिटेन की सेनाएं भाग ले रही हैं।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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