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क्यों चर्चा में पीएम मोदी का एकलाइना बधाई सन्देश​​​​​..पाक के शहबाज़ शरीफ को दोबारा प्रधानमंत्री बनने पर..

पीएम मोदी ने नहीं दिया शाहबाज़ शरीफ को ज्यादा भाव

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क्यों चर्चा में पीएम मोदी का एकलाइना बधाई सन्देश​​​​​..पाक के शहबाज़ शरीफ को दोबारा प्रधानमंत्री बनने पर..

राजनीति//Delhi/New Delhi :

पाकिस्तान के शहबाज शरीफ ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने की शपथ ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को बधाई और शुभकामनाएं दी है। लेकिन खास बात यह है कि पीएम मोदी ने बधाई संदेश सिर्फ एक ही लाइन में दिया है। यह बधाई संदेश की काफी चर्चा है कि पीएम ने आखिर एक ही लाइन में बधाई क्यों दी। लोग अलग-अलग तरह की बातें कर रहे है कुछ कयास लगा रहे है कि भारत पाकिस्तान को भाव नहीं देने वाला है।

पीएम ने लिखा ठंडा सन्देश 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है" शहबाज शरीफ को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई। "

अक्सर देखा जाता है कि बधाई संदेश थोड़ा लंबा होता है और उसमें दो देशों के बीच कैसे संबंध होंगे और संबंधों को आगे किस तरह से लिया जाएगा,,,,इस तरह की बातें भी लिखी होती हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इन बातों का कोई जिक्र नहीं किया है और ना ही ये लिखा है कि वो पाकिस्तान के साथ किस तरह का संबंध चाहते है।  मोदी का बधाई संदेश काफी ठंडा माना जा रहा है, जो बतता है कि भारत शायद आगे भी पाकिस्तान को भाव ना दे।

कश्मीर का ज़िक्र
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) का यह गठबंधन अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक सत्ता में रहा था और इस दौरान भारत के साथ रिश्ते कुछ खास नहीं रहे थे। यह स्थिति आगे भी बने रहने की संभावना है।शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले भाषण में ही शाहबाज़ ने कश्मीर का ज़िक्र किया।

वही पीएम बनते ही शहबाज़ शरीफ ने अपने पहले भाषण में चीन के साथ चल रही सीपीइसी परियोजना के संकल्प को दोहराया। 

किसने दी सबसे पहले बधाई 
शाहबाज को पहला बधाई संदेश तुर्की से मिला। उसने शपथ के एक दिन पहले ही शाहबाज को शुभकामनाएं भेज दीं थीं। पीएम मोदी ने तो अगले दिन यानी मंगलवार को अपना बधाई सन्देश पोस्ट किया। 

पहले भाषण  में फिसली ज़बान 
शाहबाज पाकिस्तान के 24वें पीएम हैं। वे 3 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री चुने गए थे। उन्हें 201 सांसदों का साथ मिला था। बता दें कि उन्होंने संसद में 1 घंटे 24 मिनट भाषण दिया। इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई थी। उन्होंने खुद को PM की जगह विपक्ष का नेता बता दिया। शाहबाज ने कश्मीर का जिक्र भी किया था।

201 सांसदों ने दिया वोट
पाकिस्तान नेशनल असेंबली की 336 सदस्यी संसद में वोटिंग के बाद प्रधानमंत्री चुने गए शहबाज की पार्टी के समर्थन में 201 सांसदों ने वोट डाले। उनके प्रतिद्वंद्वी पीटीआई समर्थित पार्टी नेता उमर अयूब खान को सिर्फ 92 वोट मिले पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) गठबंधन सरकार बनाने पर सहमत हुए। पीएमएल-एन का नेतृत्व शहबाज शरीफ के बड़े भाई और तीन बार के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री पद नहीं लेने का फैसला किया। हालाँकि 8 फ़रवरी का चुनाव मोबाइल इंटरनेट शटडाउन, गिरफ़्तारियों और हिंसा के कारण प्रभावित हुआ और परिणामों में असामान्य रूप से देरी के कारण यह आरोप लगने लगे कि वोट में धांधली हुई थी।और इस चुनाव में धांधली को लेकर पूरे विश्व में पाक की काफी थू थू हुई । 

अनिश्चित राष्ट्रीय चुनाव के कारण गठबंधन सरकार के गठन में देरी के लगभग चार सप्ताह बाद उन्होंने इस पद की शपथ ली। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थक सांसदों के विरोध के बावजूद संसद द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री चुने जाने के एक दिन बाद 72 वर्षीय शरीफ ने देश की राजधानी इस्लामाबाद में राष्ट्रपति कार्यालय में एक शपथ ग्रहण समारोह में आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण किया।कैबिनेट का ऐलान बाद में किया जाएगा। 

पीएमएल-एन के सूत्रों के अनुसार चार बार के पूर्व वित्त मंत्री इशाक डार शीर्ष दावेदार बने हुए हैं, हालांकि कई अन्य उम्मीदवारों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। 

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author

सौम्या बी श्रीवास्तव

By News Thikhana

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