ध्य प्रदेश के चर्चित जस्टिस रोहित आर्य ने भाजपा का दामन थामा प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर के विरुद्ध सख्ती, ट्रेनिंग रद्द कर वापस भेजा गया मसूरी अकादमी..! बदले में पूजा ने पुणे डीएम पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप हरभजन, युवराज सिंह और रैना मुश्किल में, पैरा एथलीट्स का उड़ाया था मजाक..FIR दर्ज आज है विक्रम संवत् 2081 के आषाढ़ माह के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि रात 08:33 बजे तक तदुपरांत एकादशी तिथि प्रारंभ यानी मंगलवार, 16 जुलाई 2024
इन नसीहतों के साथ मिली है सुप्रीम कोर्ट से केजरीवाल को जमानत ..

इन नसीहतों के साथ मिली है सुप्रीम कोर्ट से केजरीवाल को जमानत ..

राजनीति

इन नसीहतों के साथ मिली है सुप्रीम कोर्ट से केजरीवाल को जमानत ..

राजनीति//Delhi/New Delhi :

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 1 जून तक अंतरिम जमानत दे दी है। उन्हें किसी भी परिस्थिति में 2 जून को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया है। उनके चुनाव प्रचार पर कोई रोक नहीं लगेगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है। 

केजरीवाल दिल्ली शराब नीति मामले में 40 दिनों से तिहाड़ जेल में हैं। उनके आज शाम तक जेल से बाहर आने की उम्मीद है। कोर्ट ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे एक लाइन में अपना फैसला सुनाया। कोर्ट का पूरा आदेश आना अभी बाकी है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में तीन बातें कही हैं

- केजरीवाल शराब नीति के मुद्दे पर नहीं बोल पाएंगे।

-वे प्रचार कर सकते हैं।

-अपना पासपोर्ट सरेंडर करेंगे।

-दिल्ली से बाहर जाने पर जांच एजेंसी को बताएंगे और अपनी लाइव लोकेशन शेयर करेंगे।

-उन्हें 2 जून को सरेंडर करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने किस आधार पर जमानत दी?

जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा, "ईडी ने अगस्त 2022 में मामला दर्ज किया था। उन्हें मार्च (2024) में गिरफ्तार किया गया था। वे 1.5 साल से कहां हैं? गिरफ्तारी बाद में या पहले भी हो सकती है। 21 दिनों तक यहां या वहां कोई फर्क नहीं पड़ता।

सात मई को भोजनावकाश से पहले हुई सुनवाई में अदालत ने केजरीवाल की जमानत के लिए शर्तें तय की थीं। अदालत ने ईडी को बताया था कि चुनाव चल रहे हैं और केजरीवाल वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। चुनाव पांच साल में एक बार होते हैं।

इसके बाद अदालत ने केजरीवाल से कहा कि अगर आपको जमानत दी जाती है तो आप अपनी आधिकारिक ड्यूटी नहीं करेंगे। अगर चुनाव नहीं होते तो अंतरिम जमानत का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि, 7 मई को पीठ ने बिना कोई आदेश पारित किए इस पर रोक लगा दी। पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने आठ मई को कहा, ''हम 10 मई को जमानत पर फैसला सुनाएंगे।

9 मई को ईडी ने केजरीवाल की जमानत याचिका का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था। ईडी ने अपने जवाब में सुप्रीम कोर्ट की चुनावी दलील पर कहा कि केजरीवाल चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। अतीत में, एक भी नेता को प्रचार के लिए न्यायिक हिरासत से जमानत नहीं दी गई है। प्रचार करना मौलिक अधिकार नहीं है।

केजरीवाल की कानूनी टीम ने ईडी के हलफनामे पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें हलफनामे को कानून की अवमानना बताया गया है। खासतौर पर इस मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट में लिया जाना है और हलफनामा सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बिना ही दाखिल किया गया है।

You can share this post!

author

सौम्या बी श्रीवास्तव

By News Thikhana

Comments

Leave Comments