आज है विक्रम संवत् 2081 के आषाढ़ माह के शुक्लपक्ष की द्वादशी तिथि रात 08:43 बजे तक तदुपरांत त्रयोदशी तिथि प्रारंभ यानी बुधवार, 18 जुलाई 2024
अपने हक़ की नौकरी की मांग लेकर हड़ताल पर बैठी महिलाएं खुले आसमान के नीचे गुजार रही हैं दिन-रात पर मंत्रीजी सुनते ही नही...

एजुकेशन, जॉब्स और करियर

अपने हक़ की नौकरी की मांग लेकर हड़ताल पर बैठी महिलाएं खुले आसमान के नीचे गुजार रही हैं दिन-रात पर मंत्रीजी सुनते ही नही...

एजुकेशन, जॉब्स और करियर//Rajasthan/Jaipur :

राजस्थान में जहां एक ओर सरकार खुले में सोने वालों के लिए रैन बसेरे और खाने जैसी व्यवस्था करती है; सरकार द्वारा महिलाओं को सुरक्षा देने और उनके अधिकारों के साथ उन्हें न्याय के लाख दावे हों पर प्रदेश के चिकित्सा मंत्री की दर पर आकर सब फेल हो रहे है। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा की संवेदनहीनता के चलते बीते पांच दिनों से अपने हक की नौकरी की मांग के लिए महिलाएं खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। लेकिन, चिकित्सा मंत्री और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के पास इन महिला अभ्यर्थियों की दर्द सुनने तक का समय नहीं है।

मामला क्या है 
पांच दिन के इंतजार के बाद भी अपनी कोई सुनवाई नहीं होने पर महिलाओं ने आखिर को भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। एएनएम भर्ती 2013 और 2018 में रिक्त पदों पर नियुक्ति देने के लिए हाईकोर्ट द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। कोर्ट के आदेश होने के बावजूद भी एएनएम भर्ती को पूरा नहीं किया जा रहा है। इसके कारण चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि करीब दो माह पहले चिकित्सा मंत्री ने जल्द ही नियुक्ति देने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक इस मामले में कोई भी निर्णय नहीं हुआ।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं की गयी नियुक्ति 
एएनएम भर्ती 2018 के करीब 1,041 अभ्यर्थी आज भी नियुक्ति मिलने का इंतजार कर रहे हैं। करीब 4965 पदों पर आयोजित भर्ती में दस्तावेज सत्यापन में 1041 अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया था। इसमें अधिकांश महिला अभ्यर्थी जामिया उर्दू बोर्ड अलीगढ़ से 10वीं की अंकतालिका प्राप्त की थी। मामले में हाईकोर्ट की डबल बेंच में सुनवाई होने और नियुक्ति देने के आदेश दिए गए हैं। दो वर्ष से नियुक्ति मांग को लेकर अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक सबसे गुहार लगा चुके हैं। बावजूद इसके, अभी तक उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पाई है।

9 वर्ष का सब्र अब जवाब देने लगा है 
कांग्रेस की पूर्व सरकार के समय नर्सिंग भर्ती 2013 में जीएनएम में 15773 पदों और एएनएम के 12278 पदों पर भर्ती की जानी थी, जिनमें जीएनएम के 4514 पदों पर और एएनएम के 6719 पदों पर भर्ती नहीं की गई है। भर्ती को पूरा करने और चयनित महिला अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के लिए हाईकोर्ट ने भी निर्देश दिए हैं लेकिन बीते 9 वर्षो से भर्ती अटकी हुई है। इस संबंध में राज्य सरकार ने उक्त पदों को पुन: सृजित कर कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया था। नियुक्ति नहीं देने पर अब अभ्यर्थियों का सब्र जवाब देने लगा है। महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो आगे यह विरोध प्रदर्शन उग्र किया जाएगा।

You can share this post!

author

सौम्या बी श्रीवास्तव

By News Thikhana

Comments

Leave Comments