अमेरिका फिर खरीद रहा परमाणु तबाही वाले विमान... ‘डूम्सडे प्लेन’ के लिए 13 बिलियन डॉलर का ऑर्डर

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अमेरिका फिर खरीद रहा परमाणु तबाही वाले विमान... ‘डूम्सडे प्लेन’ के लिए 13 बिलियन डॉलर का ऑर्डर

सेना/वायुसेना/Delhi/New Delhi :

इस कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 13 बिलियन डॉलर से अधिक है। डील में यह नहीं बताया गया है कि अमेरिकी वायुसेना कितने डूम्स्डे प्लेन को खरीदने जा रही है। इन विमानों की डिलीवरी के लिए 2036 की समय सीमा तय की गई है।

अमेरिकी वायु सेना ने सिएरा नेवादा कॉरपोरेशन (एसएनसी) को सर्वाइवेबल एयरबोर्न ऑपरेशंस सेंटर (एसएओसी) विमानों का बेड़ा बढ़ाने के लिए नया ऑर्डर दिया है। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल कीमत 13 बिलियन डॉलर से अधिक है। यह विमान यह सुनिश्चित करने में मदद करेंगे कि अमेरिकी राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी परमाणु हमलों के दौरान भी अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें। ये विमान पुराने बोइंग 747-200-आधारित ई-4बी नाइटवॉच श्डूम्सडे विमानोंश् की जगह लेने के लिए तैयार किए जाएंगे। बोइंग ने पिछले वर्ष ही इस रेस से हटने का ऐलान कर दिया था।
कितने डूम्सडे विमान खरीद रहा अमेरिका
पेंटागन के सर्वाइवेबल एयरबोर्न ऑपरेशंस सेंटर (एसएओसी) कार्यक्रम के अनुसार, सिएरा नेवादा कॉरपोरेशन को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट का मूल्य 13,080,890,647 डॉलर है। यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी वायु सेना कुल कितने डूम्सडे खरीदने की योजना बना रही है। वर्तमान में अमेरिका के पास अभी केवल चार विमान ही सेवा में हैं, लेकिन अतीत में इसके आठ से 10 विमान प्राप्त करने की चर्चा रही है। 
पेंटागन ने 2036 तक की डेडलाइन दी
पेंटागन ने अपने दैनिक अनुबंध नोटिस में कहा है, ष्यह कॉन्ट्रैक्ट सर्वाइवेबल एयरबोर्न ऑपरेशंस सेंटर वेपन सिस्टम के विकास और उत्पादन के लिए प्रदान किया गया है, जिसमें इंजीनियरिंग और विनिर्माण विकास विमान, संबंधित ग्राउंड सिस्टम, उत्पादन विमान और अंतरिम ठेकेदार समर्थन की डिलीवरी शामिल है। काम एंगलवुड, कोलोराडोय स्पार्क्स, नेवादा में किया जाएगाय बीवरक्रिक, ओहियोय और वांडालिया, ओहियो में किया जाएगा। इसके 10 जुलाई, 2036 तक पूरा होने की उम्मीद है।ष् पेंटागन ने कहा कि यह एक प्रतिस्पर्धी अधिग्रहण था, जिसमें दो प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।
डूम्सडे प्लेन का क्या है इस्तेमाल
विमान का मुख्य मिशन एक मजबूत और सर्वाइव करने योग्य हवाई कमांड पोस्ट प्रदान करना है, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति, राष्ट्रीय कमांड अथॉरिटी (एनसीए) नामक एक तंत्र के माध्यम से दुनिया में कहीं से भी परमाणु हमला शुरू करने के लिए उपयोग कर सकते हैं। यही कारण है कि इन विमानों को आमतौर पर ‘प्रलय का दिन विमान’ या डूम्सडे विमान कहा जाता है। इस नाइटवॉच जेट पर पाए जाने वाले सुरक्षित संचार और अन्य क्षमताओं का मतलब है कि उनका उपयोग, आवश्यकतानुसार, अन्य प्रकार के सैन्य अभियानों या आकस्मिक प्रतिक्रिया गतिविधियों को निर्देशित करने के लिए हवाई प्लेटफार्मों के रूप में भी किया जा सकता है, जिसमें गंभीर प्राकृतिक आपदाओं की प्रतिक्रिया भी शामिल है।
डूम्सडे प्लेन कितना खतरनाक
अमेरिका के डूम्सडे विमान को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इस पर परमाणु हमले का भी असर नहीं होता है। यह विमान अपने अंदर बैठे लोगों को रेडिएशन से बचाता है। इस विमान में एनालॉग सिस्टम लगा होता है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स के फेल होने के बाद भी काम करता रहेगा। इस विमान में खिड़कियां न के बराबर होती हैं। डूम्सडे प्लेन के सबसे ऊपरी हिस्से को रैडोम कहा जाता है। यहां पर कई सैटेलाइट डिश और एंटीना लगे होते हैं, ताकि बोईंग ई-4बी विमान आपातकाल के समय जहाजों, युद्धपोतों, पनडुब्बियों से संपर्क कर सके। यह विमान लगातार उड़ान भरता रहता है, ताकि आपातकाल के दौरान इसे तुरंत तैनात किया जा सके।

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Jyoti Bala

By News Thikhana

Senior Sub Editor

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