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चुनाव प्रचार के लिए जेल से अब बाहर नहीं आ सकेंगे हेमंत सोरेन..सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई 5 मई तक के लिए टाली

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चुनाव प्रचार के लिए जेल से अब बाहर नहीं आ सकेंगे हेमंत सोरेन..सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई 5 मई तक के लिए टाली

अदालत//Delhi/New Delhi :

झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब चुनाव प्रचार के लिए जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। जमीन घोटाले से संबंधित उनकी याचिका सर्वोच्च न्यायालय ने 5 मई 2024 तक के लिए टाल दी है। हेमंत सोरेन को इस याचिका के टाले जाने से जबर्दस्त झटका लगा है। अब सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर 6 मई 2024 को सुनवाई होगी। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय में  हाईकोर्ट द्वारा याचिका पर फैसला सुनाने में देरी करने को चुनौती दी गई थी। सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट नें सोरेन की याचिका पर ED को नोटिस जारी किया है। इनफोर्समैंट डायरेक्टोरेट ( ED) को अदालत में जवाब देना है।

सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की दो न्यायाधीशों की पीठने कहा कि यदि उच्च न्यायालय चाहे तो इस अवधि में सोरेन की याचिका पर आदेश दे सकता है. जिसमें सोरेन ने गिरफ्तारी को चुनौती दी है। बता दें कि जनवरी से जमीन घोटाला मामले में रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद झामुमो नेता हेमंत सोरेन की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने आज  सुनवाई की।  हेमंत सोरेन का कहना है कि अपनी पार्टी के प्रचार के लिए चुनाव के दौरान उनका बाहर आना जरूरी है। उन्होंने मामले की सूनवाई के दौरान यह भी कहा है कि हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका पर पिछले 2 महीने से फैसला सुरक्षित रखा हुआ है।

ध्यान दिला दें कि हेमंत सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी के बाद झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर 28 फरवरी को एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस नवनीत कुमार की बेंच ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि अब तक कोई फैसला नहीं आया है। यह भी ध्यान दिला दें कि ईडी ने सोरेन को इसी साल 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इसके विरुद्ध सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट का दरजवाजा खटखटाया था लेकिन जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने हेमंत सोरेन को पहले झारखंड हाईकोर्ट जाने को कहा था। लेकिन, आज जब सर्वोच्च न्यायालय ने हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई की तो ईडी को नोटिस तो जारी किया लेकिन हेमंत सोरेन को कोई राहत नहीं दी। 

उल्लेखनीय है कि बीती  27 अप्रैल को सोरेन को तब भी बड़ा झटका लगा था जबकि रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने भूमि घोटाले से जुड़े एक मामले में उन्हें अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। हेमंत सोरेन के पिता और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के भाई राम सोरेन का शनिवार की सुबह निधन हो गया था। वे लंबे अरसे से बीमार चल रहे थे। हेमंत सोरेन ने अपने चाचा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अदालत से 13 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी थी। इस सुनवाई में भी अदातत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।

 

शीर्ष अदालत में हाईकोर्ट द्वारा याचिका पर फैसला सुनाने में देरी करने को चुनौती दी गई थी

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